Jaunpur News: बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची देशभक्ति: अशोक सिंह
वृद्धाश्रम का 50 हजार मासिक किराया देने का ऐलान
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जौनपुर में देशभक्ति और इंसानियत की अनूठी मिसाल देखने को मिली। समाज विकास क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह वृद्धाश्रम पहुंचे और वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनका हाल जाना। उन्होंने बुजुर्गों के बीच फल एवं मिठाइयां वितरित कीं और उनके दुख-दर्द को भी साझा किया।
वृद्धाश्रम में बातचीत के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने अशोक सिंह को बताया कि जिस भवन में वर्तमान में वृद्धाश्रम संचालित हो रहा है, वह किराए पर है। संचालक रवि चौबे अपनी जमीन पर स्थायी वृद्धाश्रम बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है।
बुजुर्ग महिला की बात सुनने के बाद अशोक सिंह ने तत्काल सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी वृद्धाश्रम का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान वृद्धाश्रम का 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराया वह स्वयं वहन करेंगे।
अशोक सिंह की इस घोषणा के बाद वृद्धाश्रम में मौजूद बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी नजर आई। बुजुर्गों ने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके प्रति संवेदना और अपनत्व के रूप में देखा।
मीडिया से बातचीत में अशोक सिंह ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना भी सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि देश स्वतंत्र है, लेकिन आज भी कुछ बच्चे अपने माता-पिता को बोझ समझकर उन्हें अकेला छोड़ देते हैं। ऐसे में समाज की जिम्मेदारी है कि वह बुजुर्गों के साथ खड़ा हो और उनके जीवन में अपनत्व एवं सम्मान का भाव बनाए रखे।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। देश के बुजुर्गों का सम्मान और जरूरत के समय उनकी मदद करना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अशोक सिंह ने राजनीतिक मंच से इतर वृद्धाश्रम पहुंचकर सेवा और संवेदना का संदेश देने का प्रयास किया। उनके द्वारा वृद्धाश्रम का मासिक किराया उठाने की घोषणा चर्चा का विषय बनी हुई है।
यह पहल बुजुर्गों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का संदेश देती नजर आई। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर या मंच से नहीं, बल्कि अपने समाज के जरूरतमंद और बुजुर्ग लोगों के सम्मान एवं सेवा से भी की जा सकती है।
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