Jaunpur News: सत्संग से जीवन में आता है निखार, संगत ही तय करती है इंसान की दिशा
जोनल स्तरीय निरंकारी इंग्लिश मीडियम समागम में 43 शाखाओं के श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। मड़ियाहूं पड़ाव स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के प्रांगण में रविवार को जोनल स्तरीय निरंकारी इंग्लिश मीडियम समागम का आयोजन किया गया। संत निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित समागम में जनपद की 43 शाखाओं से बच्चों, बहनों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
समागम को संबोधित करते हुए प्रयागराज से आए केंद्रीय प्रचारक महात्मा रवित जी ने कहा कि मानव जीवन प्राप्त होने के बाद परमात्मा की जानकारी करना सबसे उत्तम कर्म है। परमात्मा की जानकारी के बाद ही वास्तविक भक्ति की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान का प्रभाव मनुष्य के व्यवहार और उसकी वाणी पर भी पड़ता है तथा जीवन में नम्रता का भाव विकसित होता है।
उन्होंने कहा कि सत्संग से जीवन में भक्तों वाले गुणों का समावेश होता है। प्रेम, विनम्रता और विशालता जैसे दैवीय गुण मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाते हैं। अंग्रेजी भाषा के माध्यम से भी सत्य के संदेश को मानव मात्र तक पहुंचाया जा सकता है। विशेषकर युवाओं को अंग्रेजी माध्यम के सत्संग से जुड़ना चाहिए, इससे अंग्रेजी भाषा के प्रति उनके मन में रहने वाला संकोच भी दूर होगा।
महात्मा रवित जी ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि भाषा समझ में आए या न आए, इंसान की अभिव्यक्ति स्वयं एक भाषा होती है। सबसे महत्वपूर्ण भाषा प्रेम की भाषा है। जिस भाषा के माध्यम से प्रेम प्रकट किया जाता है, वही सबसे उत्तम भाषा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी विश्वभर में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है और इसके माध्यम से आध्यात्मिक संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
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उन्होंने संगत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य जिस प्रकार की संगत करता है, उसके जीवन पर उसी का प्रभाव पड़ता है। बुरी संगत से बुरे कर्मों की ओर प्रवृत्ति बढ़ती है, जबकि संतों और महात्माओं की संगत से प्रेम, विनम्रता, विशालता और अन्य सद्गुण जीवन में आने लगते हैं। इसी उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर इंग्लिश मीडियम समागम आयोजित किए जा रहे हैं।
समागम में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को भजनों, समूह गीतों, कविताओं और विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
जोनल इंचार्ज अमरनाथ विश्वकर्मा ने समागम में शामिल सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संत निरंकारी सेवा दल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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