Azamgarh News: फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़
पंजाब से दो आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों के आईटीसी घोटाले का खुलासा
नया सवेरा नेटवर्क
आजमगढ़ में जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जीवाड़ा करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना सिधारी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर और आर्थिक अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक विवेक त्रिपाठी और सीओ सिटी के निर्देशन में पुलिस टीम ने पंजाब के गोबिंदगढ़ से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार (निवासी लुधियाना) और बलजीत सिंह (निवासी फतेहगढ़ साहिब) के रूप में हुई है। दोनों को 29 अप्रैल 2026 को पंजाब के न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आजमगढ़ लाया गया, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई कूटरचित फर्में बनाई थीं। इनमें पंकज इंटरप्राइजेज, भोलानाथ इंटरप्राइजेज, शिवम ट्रेडर्स और वी.के. इंटरप्राइजेज शामिल हैं। इन फर्मों के माध्यम से जीएसटी और आईटीसी का फर्जी लाभ लेकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 41 करोड़ 93 लाख रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर करीब 7 करोड़ 54 लाख रुपये के टैक्स क्रेडिट का फर्जी लाभ लिया गया।
जांच में यह भी पता चला कि विकास कुमार ने फर्जी फर्म खोलने के लिए अपने दस्तावेज उपलब्ध कराए, जबकि बलजीत सिंह ने कई सिम कार्ड मुहैया कराकर इन फर्मों के संचालन में सहयोग किया। उसके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कई फर्जी कंपनियों में किया गया।
इस मामले में थाना सिधारी पर पहले से ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। कार्रवाई में थाना सिधारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम शामिल रही, जिसने इस बड़े आर्थिक अपराध का खुलासा किया।
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