Delhi News: व्हाट्सएप हैक कर पत्रकार से ठगी, अजीत अंजुम ने साझा किया अनुभव
नया सवेरा नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम भी साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया कि कोलकाता में रहने वाले पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी के व्हाट्सएप नंबर से उन्हें मदद मांगने वाला संदेश मिला। मैसेज में कहा गया कि UPI ब्लॉक है और कुछ पैसे QR कोड पर ट्रांसफर करने हैं।
विश्वास और संकोच के कारण अजीत अंजुम ने अपने कैमरामैन से अलग-अलग QR कोड पर कई बार पैसे ट्रांसफर करवा दिए। हर बार नया QR कोड भेजा गया और करीब 11 हजार रुपये की ठगी हो गई। छठी बार पैसे मांगने पर उन्हें शक हुआ। जब उन्होंने प्रभाकर मणि तिवारी के सामान्य नंबर पर फोन किया तो पता चला कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और कई अन्य लोगों से भी पैसे मांगे गए हैं।
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इस मामले पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा कि साइबर अपराधियों के झांसे में कोई भी आ सकता है। अजीत अंजुम जैसे जागरूक और अनुभवी पत्रकार भी साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि कई बार लोग अपनी व्यस्तता और भरोसे के कारण चीजों को तुरंत कन्फर्म नहीं कर पाते, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा लेते हैं।
डॉ. राठौर ने लोगों को सलाह दी कि अगर कोई परिचित व्हाट्सएप, फेसबुक या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे मांगे तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसका अकाउंट कहीं हैक तो नहीं हुआ है। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर बात करें और अगर तब भी संदेह हो तो वीडियो कॉल के जरिए पहचान की पुष्टि जरूर कर लें।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल हैकर्स सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर परिचितों से पैसे मांगने के मामलों को तेजी से अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता और पुष्टि ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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