बनारसी परंपरा को आधुनिक रूप दे रहा है MIRKASHI का ‘काशिका’ संग्रह
वाराणसी। वाराणसी की पारंपरिक बुनाई कला को नया रूप देते हुए MIRKASHI ने अपना खास साड़ी संग्रह ‘काशिका’ प्रस्तुत किया है। यह संग्रह उन बुनकरों के समर्पण और मेहनत को दर्शाता है, जिनकी पीढ़ियों से चली आ रही कला आज भी जिंदा है। बताया गया है कि इस संग्रह की हर साड़ी के पीछे कारीगरों की लंबी मेहनत और अनुभव जुड़ा है। बनारस की तंग गलियों में काम करने वाले ये बुनकर रोजाना कई घंटे करघों पर मेहनत कर ऐसी साड़ियां तैयार करते हैं, जो देखने में बेहद आकर्षक होती हैं। यह जानकारी देते हुए MIRKASHI ब्रांड की सीएमडी प्रीति सिंह ने बताया कि ‘काशिका’ संग्रह की साड़ियां पारंपरिक बनारसी शैली में तैयार की गई हैं, जिनमें शुद्ध कतान रेशम और असली जरी का उपयोग किया गया है। साथ ही इनमें कढ़वा बुनाई का विशेष काम भी देखने को मिलता है, जो इसे खास बनाता है। इस संग्रह की खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया है। पैसले, मंदिर की आकृतियां और कमल जैसे पुराने रूपांकन को नए ढंग से तैयार किया गया है, जिससे यह आज की महिलाओं की पसंद के अनुरूप बन सके। कंपनी का कहना है कि ‘काशिका’ सिर्फ एक साड़ी संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प और परंपरा का सम्मान है, जिसे आधुनिक जीवनशैली के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है। अधिक जानकारी के लिए आप सम्पर्क सूत्र 6387489551 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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