Jaunpur News: रामपुर में 86 लाख की परियोजना पर उठे सवाल, घटिया ईंटों से निर्माण का आरोप
शिलापट्ट व भूमि पूजन के बिना शुरू हुआ कार्य, ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर उठाए गंभीर सवाल
चंद्रशेखर पटेल @ नया सवेरा
रामपुर, जौनपुर। नगर पंचायत रामपुर में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा कराए जा रहे कृषि संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य पर अनियमितताओं के आरोप सामने आने लगे हैं। करीब 86 लाख रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना में इन दिनों नींव की खुदाई और ईंट जोड़ने का कार्य जारी है, लेकिन निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही ईंटें बेहद घटिया स्तर की हैं। उनका कहना है कि ईंट इतनी कमजोर है कि हाथ से दबाने पर ही टूटकर मिट्टी की तरह बिखर जा रही है। इससे निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासी प्रवीण मिश्रा ने बताया कि पूरे कार्य में पारदर्शिता का अभाव नजर आ रहा है। उनके अनुसार, निर्माण स्थल पर न तो परियोजना की लागत और विवरण से संबंधित कोई शिलापट्ट लगाया गया है और न ही भूमि पूजन या शिलान्यास की कोई जानकारी सार्वजनिक की गई है।
वहीं नगर निवासी प्रदीप विश्वकर्मा ने भी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईंटों की स्थिति इतनी खराब है कि पानी लगते ही वे गलकर मिट्टी बन सकती हैं। उन्होंने इसे निर्माण मानकों के विपरीत बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
यह भी पढ़ें | Jaunpur News: जल जीवन मिशन के कार्यों की बैठक संपन्न
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां सरकार विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर दे रही है, वहीं इस परियोजना में इन दोनों मानकों की अनदेखी की जा रही है। लोगों ने आशंका जताई कि कहीं यह कार्य केवल कागजी खानापूर्ति बनकर न रह जाए। इस संबंध में मड़ियाहूं विधायक डॉ. आर.के. पटेल से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और उन्होंने संबंधित अधिशासी अभियंता से फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया है। शिलान्यास को लेकर पूछे जाने पर अधिशासी अभियंता ने कहा कि “यदि शिलान्यास नहीं हुआ तो क्या हुआ लोकार्पण कर दिया जाएगा।”
जांच की मांग तेज
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ भविष्य में इस परियोजना की उपयोगिता भी प्रभावित हो सकती है।
| Advt |
