Bareilly News: हिंदुओं की जनसंख्या बढ़ानी है तो शादी कर खुद उदाहरण बनें मोहन भागवत : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा
बरेली। स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने राष्ट्रीय मुद्दों पर बड़ा बयान देते हुए संघ चालक मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हिंदू जनसंख्या बढ़ाने के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर यह इतना जरूरी है, तो संघ प्रमुख मोहन भागवत को खुद विवाह करके उदाहरण पेश करना चाहिए। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने कहा कि समाज को दिशा देने वाले लोगों को खुद अपने जीवन में भी वही अपनाना चाहिए, जो वह दूसरों को सलाह देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर हिंदुओं की संख्या बढ़ाने की चिंता है, तो मोहन भागवत जी को भी शादी करके बच्चे पैदा करने चाहिए।अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे धार्मिक दृष्टिकोण से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कई लोग इसे सीधा-सीधा राजनीतिक कटाक्ष मान रहे हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने आगे कहा कि देश में धर्म और जनसंख्या जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी करने से पहले नेताओं को अपने आचरण पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने समाज में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। नाथ नगरी बरेली पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने इजरायल- हमास युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुलकर यहूदियों का साथ दे रहे हैं जबकि भारत की स्थापित विदेश नीति कुछ और रही है। आखिर यहूदियों के साथ हमारा ऐसा कौन सा संबंध है कि हम उनके इतने निकट जा रहे हैं ? ।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने कहा कि आज पूरी दुनिया में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। यह न्याय और नीति का युद्ध नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल प्रेम पर चिंता जताते हुए कहा, अब भारत के प्रधानमंत्री खुलकर यहूदियों के पक्ष में हैं, यह बात हमें चिंता में डालती है। क्या भारत यहूदियों के जाल में फंस रहा है ?। उन्होंने आगे कहा कि युद्ध की वजह से गैस सिलेंडर 5000 रुपये तक के बोझ तले दब रहा है लेकिन भारत के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को इसका अहसास नहीं है। उनके आवास पर न बिजली जाती है और न राशन की कमी होती है। उनके लिए तो 'सब चंगा' है, लेकिन जनता त्रस्त है।
उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा दिए गए बयानों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने उन्हें 'निर्लज्ज' करार दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री दो पन्ने का सफेद झूठ लेकर कैमरों के सामने बैठ जाते हैं, जबकि धरातल पर गौ माता की स्थिति दयनीय है। गौ रक्षा के नाम पर केवल राजनीति हो रही है। यूपी में गायों के टुकड़े- टुकड़े बेचे जा रहे हैं और सरकार कह रही है कि कोई खरोच नहीं आ सकती।
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उनके शंकराचार्य होने पर उठाए गए सवालों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद ने कहा कि पशुपालन विभाग का काम यह तय करना नहीं है कि कौन शंकराचार्य है और कौन नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो मुख्यमंत्री और न ही प्रधानमंत्री को यह अधिकार है कि वे शंकराचार्य के पद पर निर्णय लें। इसकी अपनी एक अलग धार्मिक परंपरा है और राजनीतिज्ञों को इसमें टांग नहीं अड़ानी चाहिए।
हिंदू राष्ट्र की मांग पर उन्होंने कहा कि अगर हिंदू राष्ट्र बनने के बाद भी गौ हत्या होती रही, तो वह राष्ट्र पर कलंक होगा। हिंदू राष्ट्र घोषित करने से पहले गौ हत्या बंद होनी चाहिए। लाउडस्पीकर हटाने जैसे मुद्दों को उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने वाली छोटी राजनीतिक बातें करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता बड़ी परेशानियों में है और सरकार उन्हें इन छोटी बातों में उलझा रही है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने कहा कि 3 से 30 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश का वह भ्रमण करेंगे और हर विधानसभा में जाकर गौ माता की रक्षा के लिए 'वोट की चोट' करने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।
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