Bareilly News: दिशा इंटर कॉलेज में गुजरात स्थापना दिवस पर कार्यक्रम में राज्यपाल हुई शामिल
दिव्यांग बच्चों ने गरबा, डांडिया व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई गुजरात की समृद्ध परंपरा
निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा
बरेली। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल/कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की उपस्थिती में महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के तत्वावधान में गुजरात स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम दिशा इंटर कॉलेज में हुआ। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा इस अवसर पर दिशा विद्यालय में बनने वाले बहुउद्देशीय हॉल का शिलान्यास किया गया। दिशा विद्यालय के 40 बच्चों ने इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा दी जिनका रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा विद्यालय प्रांगण में लगाए गए बापू बाजार में विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। विद्यालय के छात्र मानव द्वारा राज्यपाल महोदया को स्वयं बनाया गया उनका स्केच भेंट किया गया। राज्यपाल द्वारा छात्र को पोषण पोटली प्रदान की गयी।
इस अवसर पर कक्षा 07 के बच्चों द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति की गयी, शिव स्त्रोत पर छात्रा द्वारा एकल नृत्य की प्रस्तुति दी गयी। छात्र/छात्राओं द्वारा गरबा नृत्य की प्रस्तुति भी दी गयी। छात्र-छात्राओं द्वारा फैशन शो के माध्यम से महात्मा गांधी, सरदार बल्लभभाई पटेल का वेश धारण किया गया व गुजराती कपल, डांडिया आदि की प्रस्तुति दी गयी। राज्यपाल/कुलाधिपति आनंदी बेन ने गुजरात स्थापना दिवस पर बच्चों द्वारा गुजरात की संस्कृति प्रदर्शित करने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने पुष्पलता गुप्ता को इस दिव्यांग विद्यालय की स्थापना के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों जिन्हें ऊंगली पकड़कर दिशा दिए जाने की आवश्यकता होती है उन बच्चों को शिक्षित बनाना बड़ा काम है, जिसके दिल में दया और सहानुभूति हो वही यह कार्य कर सकता है।
राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि जब तीन वर्ष पूर्व कुलपति ने मुझे इस विद्यालय के बारे में बताया तो मैंने तुरंत इसे गोद लेने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि पिछले 6- 7 साल में विश्वविद्यालयों को जिम्मेदारी दी है कि वे समाज/गांव में महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों के बीच जाएं और उनकी समस्याओं का निस्तारण करें।
राज्यपाल महोदया ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को 05 गांव गोद लेने के लिए कहा गया हैं और वहां जाकर उनके विकास के लिए कार्य करना है, स्कूलों/आंगनबाड़ी/प्रधानों/किसानों/गरीबों से मिलकर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें और सरकारी योजनाओं को उन तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने संकल्प लिया है कि भारत को टी बी मुक्त बनाना है और इसके लिए उ प्र के 75 जनपदो में काम शुरू हुआ तथा 04 लाख मरीजों को टीबी मुक्त किया गया। इस कार्य में विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा गया और अध्यापकों का सहयोग लिया गया, स्वयं राजभवन के सभी अधिकारियों द्वारा भी मरीजो को गोद लिया गया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए भी कार्य किया गया उन्हें पीएचसी/ सीएचसी सेंटरों पर भेजा और उनकी स्क्रीनिंग करायी गयी। 150 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करायी गयी, जिसमें से 2000 महिलाएं टी बी ग्रस्त निकली जिनका इलाज व पोषाहार के माध्यम से टीबी मुक्त किया गया।
राज्यपाल आनंदी बेन ने बताया कि 09 से 14 वर्ष वाली बच्चियों को एचपीवी वैक्सीनेशन का कार्य काफी लम्बे समय से किया जा रहा था, विश्वविद्यालय व अन्य के सहयोग से 03 लाख बच्चियों को एचपीवी वैक्सीनेशन कराया गया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने निशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन कराने का निर्णय लिया है जो बच्चियों के हित में है।
राज्यपाल जी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कल हरदोई में हुआ तथा वहां हमने देखा भारी सुरक्षा में पुलिस किस प्रकार लगी रहती है। अतः हमारे द्वारा निर्णय लिया गया था कि जहां भी पुलिस लाइन है और परिवार रहते हैं वहां भी बेटियों को वैक्सीन लगवाने का कार्य किया गया। अब सरकार ने यह सुविधा निशुल्क कर दी है। अतः सभी अर्ह आयु वर्ग की बच्चियों को वैक्सीन लगवायी जाए।
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राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि झोपड़ पट्टी के 460 बच्चों को राजभवन द्वारा चिन्हित कर उनको शिक्षित करने का कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि मैं गुजरात में 1998 में जब वह शिक्षा मंत्री बनी तब ड्रापआउट रेट बहुत ज्याद था क्योंकि विद्यालय में टॉयलेट की सुविधा नहीं थी, एक वर्ष में अभियान चलाकर शौचालय की सुविधा दी गयी फिर प्रवेश उत्सव मनाकर सभी अर्ह आयु वर्ग के बच्चों को विद्यालय और आंगनबाड़ी केन्द्र पर प्रवेश दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि कल को जब कुलपति के पी सिंह का स्थानान्तरण या रिटायरमेंट हो जाए तब भी यह व्यवस्था चालू रहनी चाहिए।राज्यपाल आनंदी बेन ने बताया कि लखनऊ स्थित शकुंलता विश्वविद्यालय में 50 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग बच्चों के लिए है अतः सभी को यह जानकारी दे, जिससे बच्चे अपनी आगे की शिक्षा वहां से करें।
राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि बच्चियों का मार्ग भटकाने को बहुत सी चीजे उनके जीवन में आती है लेकिन उन्हें प्राथमिकता अपनी पढ़ाई को देनी चाहिए और अपने पैरों पर खड़े होने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षित हो तथा तकनीकी शिक्षा लें। कभी-कभी जल्दबाजी में निर्णय लें लिया जाता है जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है, ऐसी दशा में उनके जीवन में सुधार करने उन्हें रोजगारपरक कार्य सिखाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समस्त राज्यों के स्थापना दिवस मनाये जाने चाहिए। इस अवसर पर राज्यपाल महोदया द्वारा छात्र/छात्राओं को चॉकलेट वितरित की गयी। कुलपति के पी सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज दूसरी बार कुलाधिपति आनंदी बेन का पर्दापण यहां हुआ है। श्रीमती पुष्पलता गुप्ता द्वारा स्थापित यह दिव्यांग विद्यालय वाकई बच्चों को दिशा दे रहा है।उन्होंने बताया कि विद्यालय में तीन नई प्रयोगशालाएं बनायी हैं, यहाँ साइंस स्ट्रीम नहीं थी उसे आरम्भ किया गया है तथा विद्यालय में 40 प्रतिशत नामांकन भी बढ़ा है और राज्यपाल महोदया के निर्देशानुसार इसे इण्टर से पीजी बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में यह विद्यालय पुष्पा गुप्ता द्वारा दो बच्चों से शुरू किया गया था और आज 450 बच्चे यहां हैं। अगली बार कुलाधिपति का आगमन बड़े बहुउददेशीय हाल में होगा, जिसका लोकार्पण आज आप द्वारा किया गया है और इस हाल में लिफ्ट की व्यवस्था भी होगी।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल आनंदी बेन की प्रेरणा से हम आंगनबाड़ी, बाल सम्प्रेषण गृह में रहने वाले बच्चों के लिए ओपन जिम बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है और उनके पढ़ने के लिए पुस्तकों की व्यवस्था की गयी है तथा बच्चों के लिए मनोरंजन के लिए ध्यान रखा जा रहा है । कार्यक्रम के अंत में दिशा विद्यालय की संस्थापिका पुष्पा जी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि 27 वर्ष पहले जो बीज उन्होंने बोया था वो आज वृक्ष बन गया है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे यहीं से पीजी करके निकले इस दिशा में विश्वविद्यालय के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की छात्रा अगले वर्ष एम्स से डॉक्टर बनकर आएगी और हमारे विद्यालय की छात्राएं, आज यहां की शिक्षिका हैं। इस अवसर पर रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक/शिक्षिकाएं, छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।


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