Poetry: महावीर तुम आओ, इस जग को तुम तारो
नया सवेरा नेटवर्क
हिंसा की कगार पर खड़े विश्व को राह दिखाता भगवान महावीर का संदेश
–डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा
आज जब विश्व हिंसा के कगार पर खड़ा है, ऐसे में प्रभु महावीर के सिद्धांतों की अनिवार्यता और बढ़ गई है। आज घर-घर, विश्व के हर कोने में प्रभु महावीर के संदेशों का प्रचार होना अति आवश्यक है।
प्रभु महावीर के अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांतवाद, अभय, वीरता और सत्य के इन सिद्धांतों को हम सबको अपने जीवन में उतारना होगा। तभी यह विश्व एक सुंदर और युद्ध-रहित स्थान बन सकेगा।
महावीर तुम आओ, इस जग को तुम तारो,
हे प्रभु तुमको आना ही पडे़गा,
इस संसार को तारणा ही पड़ेगा,
महावीर तेरे बिना सुना सुना ये जग सारा,
तेरे बिना कोई राह सुझाई नहीं देती,
तुम होते दुनिया में तो ,यह विपदा न आती,
तेरे दर्शन को यूं आंखे ना तरसती,
तुम होते तो चारों तरफ सुख की हरियाली होती,
तुम होते तो सत्य, अहिंसा का परचम लहराता,
तुम होते तो अपरिग्रह की भावना साकार होती,
कोई भूखा न सोता, रोटी, कपड़ा, मकान सबको सुलभ होता,
तुम होते तो आतंकवाद साकार न होता,
न आतंकवाद होता, न अराजकता होती,
प्रभु क्यों नहीं आते एक बार,
माना आप मोक्ष में विलीन हो गये हो,
धरती पर जन्म नहीं ले सकते,
पर कुछ करो ऐसा चमत्कार,
हर दिल में आप बस जाओ,
हर मन में आपका हो वास,
हर हृदय में हो आपका जन्म,
फिर ना होगा कोई युद्ध,
न होगी कोई मार-काट,
चारों तरफ होगा शांती का साम्राज्य,
ये दुनिया और अधिक खुबसुरत, सुंदर रहने लायक बन जायेगी
यह कलियुग सतयुग, में बदल जायेगा
ये कलियुग सतयुग, मे बदल जायेगा।
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