Jaunpur News: एनएसएस शिविर में सामाजिक समरसता व राष्ट्रीय एकता पर जागरूकता का संदेश
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर का चौथा दिवस “सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता” थीम के साथ अत्यंत उत्साह एवं ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समाज, राष्ट्र एवं आत्मविकास के प्रति प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप बोलते हुए डॉ. बालमुकुंद सेठ ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक संबोधन से विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना का संचार करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का मार्ग कभी आसान नहीं होता, बल्कि संघर्ष, त्याग और अनुशासन से होकर गुजरता है। उन्होंने प्रभावी शब्दों में कहा कि “आज की छोटी-छोटी कठिनाइयों से घबराने वाले लोग कल बड़े अवसरों से वंचित रह जाते हैं। यदि आज आपने मेहनत की पीड़ा को मुस्कुराकर सहन कर लिया, तो आने वाले समय में वही मेहनत आपको उन ऊंचाइयों पर ले जाएगी, जहां ‘Congratulations, You Are Selected’ जैसे शब्द आपकी पहचान बन जाएंगे।”
उन्होंने विद्यार्थियों को चेताते हुए कहा कि “आज जब शिक्षक और पुस्तकें आपको सिखा रही हैं, तब आपको नींद आ रही है; लेकिन जब समय आपको सिखाएगा, तब आपकी नींद ही नहीं, चैन भी उड़ जाएगा।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समय की कीमत को पहचानें, स्वयं को अनुशासित करें और अपने व्यक्तित्व को इतना सशक्त बनाएं कि वे न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज, राष्ट्र और पूरे विश्व के विकास की रीढ़ बन सकें।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि NSS की स्थापना 24 सितंबर 1969 को “Education through Community Development” के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के चार प्रमुख घटक—विद्यार्थी, शिक्षक, समुदाय और कार्यक्रम—हैं, जिनके माध्यम से छात्रों को कक्षा से बाहर निकालकर समाज से जोड़ने और उसकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य और शिविरार्थिओं कार्य उसके उद्देश्य गीत में ही निहित है।
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने स्वयंसेवकों को योग, प्राणायाम एवं विभिन्न व्यायामों का अभ्यास कराते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास अपनाने की सलाह दी, जिससे वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सुदृढ़ बनकर अपने कर्तव्यों का बेहतर निर्वहन कर सकें। उनके मार्गदर्शन में हुए वार्मअप से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों में सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशारानी ने सभी वक्ताओं के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा गीत-संगीत, भाषण, वाद-विवाद एवं नाटक-नाटिका जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जो अत्यंत प्रभावशाली रहीं। अंत में राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. विजयलक्ष्मी सिंह, डॉ. अनुराग चौधरी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, विक्रम सिंह, चंद्रप्रकाश गिरी, सुरेश कुमार तिवारी एवं ओमप्रकाश पाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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