Jaunpur News: वासंतिक नवरात्रि के चौथे दिन कूष्मांडा स्वरूप में भक्तों ने मातारानी दर्शन
बिपिन सैनी @ नया सवेरा
जौनपुर। शीतला चौकियां धाम में वासंतिक नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा स्वरूप में भक्तों ने मां शीतला मातारानी जी का दर्शन पूजन किया। चौथे दिन कूष्मांडा माता रानी की पूजा की जाती है जो अपनी मंद मुस्कान से सृष्टि की रचना करने वाली देवी मानी जाती हैं। इस दिन भक्त पीले रंग के वस्त्र पहनकर मां को मालपुआ या हलवा-दही का भोग लगाकर और 'ॐ कूष्मांडायै नमः' मंत्र जप के साथ पूजा करने से सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। माँ कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। नव दिन की व्रती महिलाएं सुबह स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर माँ कूष्मांडा को पीले फूल, फल, धूप, और दीप अर्पित कर। अष्टभुजा देवी की पूजा करते समय 'ॐ देवी कूष्मांडायै नमः' मंत्र का जाप किए।वही मां कूष्मांडा को मालपुआ अत्यंत प्रिय है। इसके अलावा, खीर, हलवा, या केसर युक्त पेड़ा भी चढ़ाया गया
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां की पूजा करने से रोग, दोष दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन सूर्य से संबंधित दोषों को दूर करने के लिए भी विशेष माना जाता है। बताया गया कि चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात मातारानी का भव्य श्रृंगार करके मन्दिर महंत विवेकानंद पंडा ने आरती-पूजन किया। मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहुर्त से ही मातारानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन पूजन माता रानी के जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते हुये नजर आये। वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये अद्धालु मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किये। नवरात्रि का चौथे दिन व्रती महिलाओं ने अपने घर मे विधि विधान से दुर्गा सप्तशती पाठ करके आरती पूजन किया। दूर-दराज से धाम में आने वाले भक्तों का तांता देर शाम तक लगा रहा। वहीं दर्शन-पूजन करने के पश्चात दर्शन पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित काल भैरवनाथ एवं मां काली मंदिर में दर्शन-पूजन किये। सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी इंचार्ज रामप्रकाश यादव अपने सहयोगी पुलिसकर्मी एवं पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।
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