BREAKING

Bareilly News: होली रामलीला में थमा मेघनाद का ‘नाद’, सती भयी सुलोचना

निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा 

बरेली। यूनेस्को सूची में दर्ज ऐतिहासिक 166 वीं ब्रह्मपुरी की होली रामलीला मंचन में लक्ष्मण ने मेघनाद पर तीर छोड़ दिया जिससे उसका सर धड़ से कटकर अलग हो गया औरअत्यंत पराक्रमी योद्धा मेघनाद के जीवन का अंत हो गया। रामलीला में शुक्रवार को रावण वध होगा। मलीला मंचन में गुरु व्यास मुनेश्वर जी ने लीला के साथ- साथ वर्णन किया कि कुंभकर्ण के मारे जाने के बाद पुनः रावण ने अपने पुत्र मेघनाद को युद्धभूमि में भेजा। मेघनाद एक ऐसा योद्धा था जिसका वध करना साधारण मानव तो क्या स्वयं देवताओं, गंधर्व, दानवों इत्यादि के लिए भी असंभव था। वह अपने पिता व लंका के राजा रावण से भी अत्यधिक शक्तिशाली था। 


जब रावण प्रथम बार युद्धभूमि में गया था तब भगवान श्रीराम से पराजित होकर वापस लौटा था किंतु मेघनाद ने तीन दिनों तक भीषण युद्ध किया था। प्रथम दिन उसने श्रीराम व लक्ष्मण को नागपाश में बांध दिया था जिसे गरुड़ देवता के द्वारा मुक्त करवाया गया था। द्वितीय दिन उसने लक्ष्मण को शक्तिबाण से मुर्छित कर दिया था जिसके बाद संजीवनी बूटी के कारण उनके प्राणों की रक्षा हो पायी थी। मेघनाद को इंद्रजीत की उपाधि स्वयं भगवान ब्रह्मा ने दी थी।  साथ ही एक वर दिया था। उसी वर के फलस्वरूप वह निकुंबला देवी का यज्ञ कर रहा था जिसके संपूर्ण होने के पश्चात उसे हराना असंभव था।  लक्ष्मण ने मेघनाथ का यह यज्ञ विफल कर दिया था। 

यह भी पढ़ें | 
Bareilly News: मातृश्री रचनात्मक महिला सम्मान से प्रधानाचार्या चमन जहां हुई सम्मानित

भगवान ब्रह्मा ने मेघनाद को वर देते समय बताया था कि जो कोई भी उसका यज्ञ पूर्ण होने से पहले विफल कर देगा उसी के हाथों उसकी मृत्यु होगी। भीषण युद्ध के अंत में लक्ष्मण ने एक बाण उठाया व उसे मेघनाद पर छोड़ने से पहले उस बाण को प्रतिज्ञा दी कि यदि श्रीराम उसके भाई व दशरथ पुत्र है, यदि श्रीराम ने हमेशा सत्य व धर्म का साथ दिया है, यदि श्रीराम अभी धर्म के लिए कार्य कर रहे है। यदि मैंने श्रीराम की सच्चे मन से सेवा की है तो तुम मेघनाद का गला काटकर ही वापस आओगे। यह कहकर लक्ष्मण ने मेघनाद पर तीर छोड़ दिया। जिससे उसका सर धड़ से कटकर अलग हो गया। इस प्रकार अत्यंत पराक्रमी योद्धा मेघनाद के जीवन का अंत हो गया। 

मेघनाद की पत्नी सुलोचना शेषनाग वासुकी की पुत्री थी चूँकि लक्ष्मण शेषनाग के ही अवतार थे इसलिये वे सुलोचना के पिता व मेघनाद के ससुर लगते थे। युद्धभूमि में जब मेघनाथ लक्ष्मण के हाथो वीरगति को प्राप्त हो गया था तब सुलोचना अपने पति के शरीर के साथ सती हो गयी। सुलोचना के आँख में एक भी आंसू नही था और वह अपने पति को गर्व से देख रही थी। हालाँकि उसे भी पता था कि आज उसका अपने पति के साथ अंतिम मिलन है लेकिन एक पतिव्रता व कर्तव्यनिष्ठ नारी होने के कारण उसने अपने पति को युद्ध में जाने से पूर्व उनके कर्तव्य में उनका साथ दिया व अपनी आँख से एक भी आंसू नही गिरने दिया। भगवान राम भी इस बात को जानते थे इसलिए जब जब लक्ष्मण मेघनाद का वध करने जाने लगे तब राम ने लक्ष्मण से कहा कि चूँकि सुलोचना एक पतिव्रता नारी है। इसलिये मेघनाद का मस्तक भूमि पर ना गिरे। इसलिये जब लक्ष्मण ने मेघनाद का मस्तिष्क काटकर धड़ से अलग कर दिया तो उसे श्रीराम के चरणों में रख दिया। रामलीला प्रभारी अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को रामलीला में रावण बध लीला व दशहरा मेला का होगा। अध्यक्ष राजू मिश्रा ने कल हुए कुंभकर्ण दहन में सहयोग के लिए सबका आभार व्यक्त किया। 

ADMISSION OPEN Session 2026–27 :  SS PUBLIC SCHOOL-  Siddiqpur, Jaunpur – 222003 📞 7380691111, 9453567111  SS PUBLIC SCHOOL 📢 ADMISSION OPEN Session 2026–27 Classes: Bal Vatika to Class IX & XI Streams Offered (Class XI): 🔬 Science | 📊 Commerce | 📚 Humanities Affiliation: ✔ 10+2 Affiliated to C.B.S.E., New Delhi  Siddiqpur, Jaunpur – 222003 📞 7380691111, 9453567111  Babatpur, Varanasi 📞 0542-2622303, 0542-2622304
विज्ञापन


REGISTRATION OPEN NOW! Mount Litera Zee School | 📍 Fatehganj, Jaunpur – 222132 |  Phone- +91 7311171181, +91 7311171182
विज्ञापन



नया सबेरा का चैनल JOIN करें