Chandauli News: परंपरागत विज्ञान और कला की बेहतर समझ के बिना आधुनिक आविष्कार संभव नहीं : अतुल प्रकाश जायसवाल
संत कबीर एजुकेशन अकादमी में विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन
प्रदर्शनी में दिखी छात्रों की मेहनत, प्रस्तुति कौशल और रचनात्मकता
नया सवेरा नेटवर्क
चंदौली। संत कबीर एजुकेशन अकादमी, इलिया (चकिया) में आयोजित वार्षिकोत्सव के अवसर पर विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विविध विषयों पर आधारित आकर्षक मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में छात्रों की मेहनत, प्रस्तुति कौशल और रचनात्मकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। प्रदर्शनी में अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट बेसिस पर बेहतर ढंग से कार्य किया था। मॉडल की प्रस्तुति प्रभावशाली रही और ऑप्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रदर्शनी को सजीव, सटीक और व्यवस्थित ढंग से सजाया गया था, जिससे दर्शकों को विषय समझने में आसानी हुई।
इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि अतुल प्रकाश जायसवाल ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से संवाद भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि परंपरागत विज्ञान और कला की बेहतर समझ के बिना आधुनिक आविष्कार संभव नहीं है।
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प्रदर्शनी में संत कबीर की कुटिया, जोड़ कर आंकड़ा निकालने वाली मशीन, सुंदर घर/आवास का मॉडल, बिल्डिंग में लिफ्ट का प्रदर्शन, इंडिया गेट, ताजमहल, प्रोजेक्ट निसार, इसरो का लॉन्च व्हीकल, इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड, रूम हीटर, मानव श्वसन तंत्र, चंद्र ग्रहण का प्रदर्शन तथा मानव निर्मित उपग्रह जैसे विषयों पर आधारित मॉडल शामिल रहे। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से छात्रों ने विज्ञान, इतिहास और कला से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने का प्रयास किया। हालांकि, अवलोकन के दौरान कुछ कमियां भी सामने आईं। कई प्रोजेक्ट्स में छात्रों में जिज्ञासा की कमी दिखाई दी। बेसिक साइंस की समझ अपेक्षाकृत कमजोर रही और कॉमन सेंस का प्रयोग कम नजर आया। कुछ मॉडलों में आंकड़ों पर तो विशेष ध्यान दिया गया, लेकिन उनके ऐतिहासिक और मूलभूत बैकग्राउंड की समझ कम देखने को मिली। कुल मिलाकर, विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी सराहनीय रही और विद्यार्थियों की मेहनत स्पष्ट दिखाई दी।


