Jaunpur News: 15 मार्च 2026 तक चलेगा संशोधन कार्य, पढ़िए पूरी खबर
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र ने समस्त उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को खतौनी में खातेदार/सह-खातेदारों के नाम के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों एवं लोप के संशोधन/दर्ज कराए जाने के सम्बन्ध में निर्देशित करते हुए कहा कि मा0 राजस्व परिषद के द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों की खतौनियों में खातेदारों/सह-खातेदारों के नामों के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों एवं लोप के संशोधन/दर्ज करने के सम्बन्ध में 01 जनवरी 2026 से 15 मार्च 2026 तक का चरणबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करते हुए 06 चरणों में निम्नलिखित कार्यवाही को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।
07 कार्य दिवस में क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा भूमि प्रबन्ध समिति के साथ आयोजित होने वाली बैठक में समस्त ग्रामवासियों/सह-खातेदार आवश्यक विधिक पत्र (भूमि से सम्बन्धित बीमा आदि) या सक्षम न्यायालय के आदेश की प्रति के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने हेतु सूचित किया जाएगा। इसके लिए एक सप्ताह पूर्व लेखपाल, लेखपाल व ग्राम पंचायत द्वारा सह-खातेदारों के सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर और प्रकाशन कराया जाएगा।
15 कार्य दिवस में लेखपाल द्वारा भूमि प्रबन्ध समिति एवं समस्त ग्रामवासी/सह-खातेदार के साथ ग्राम पंचायत में बैठक आयोजित कर प्रपत्र ख0पु0-3 में दर्ज अंश का पढ़कर सुनाया जाना। तत्पश्चात जिन-जिन खातेदारों/सह-खातेदारों के अंश निर्धारण में त्रुटियां या लोप का प्रकरण संज्ञान में आये, उनसे प्रपत्र ख0पु0-3 में सही अंश दर्ज कराकर खातेदार के हस्ताक्षर/अंगूठा निशान कराया जाना। खातेदार/सह-खातेदार से सम्बन्धित विधिक पत्र (भूमि कर सम्बन्धी जमा आदि) या सक्षम न्यायालय के आदेश की प्रति व प्रपत्र ख0पु0-3 को पोर्टल ’’ भूलेख खतौनी” अंशत्रुटि सुधार पर अपलोड किया जाना।
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15 कार्य दिवस में लेखपाल द्वारा पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक आवेदन की स्थानीय एवं अभिलेखीय जांच किया जाना व विवादित/अविवादित के सम्बन्ध में अपनी संस्तुति सहित आवेदन अपलोड कर राजस्व निरीक्षक को अग्रसारित किया जाना। 10 कार्य दिवस में राजस्व निरीक्षक द्वारा उसकी लॉगिन आईडी से प्रदर्शित हो रही लेखपाल की सभी जांच आख्या का परीक्षणोपरान्त तहसीलदार की ऑनलाइन अनुमोदन हेतु अग्रसारित किया जाना।
07 कार्य दिवस में तहसीलदार द्वारा उसकी लॉगिन आईडी से प्रदर्शित हो रही क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक की सभी जांच आख्या का परीक्षण कर अविवादित आवेदनों के सम्बन्ध में ऑनलाइन अनुमोदन किया जाना। जिन आवेदनों में अंश निर्धारण विवादित हो या अन्यथा राजस्व निरीक्षक की आख्या से असहमत हो, तो अपनी संस्तुति सहित आख्या उपजिलाधिकारी को अग्रसारित किया जाना। 03 कार्य दिवस में तहसीलदार की अनुमति प्राप्त होने के पश्चात राजस्व निरीक्षक द्वारा संशोधन का आदेश राजस्व अभिलेखों में अंकित कराए जाने हेतु राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) को ऑनलाइन अग्रसारित किया जाना तथा तदनुसार राजस्व निरीक्षक द्वारा इस आदेश का अमलदरामद नामान्तरण रजिस्टर आर-6 और खतौनी में अंकन किया जाना है। मा0 राजस्व परिषद के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि उपरोक्त प्रकरणों में सर्वोच्च प्राथमिकता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

