Jaunpur News: राजाराम बालिका इण्टर कालेज धर्मापुर में विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रशांत कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में ‘‘संविधान दिवस की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, पोक्सो एक्ट एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं’’ के विषय पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर प्रशांत कुमार सिंह की देख-रेख में आज 26 नवम्बर 2025 को ‘‘राजाराम बालिका इण्टर कालेज धर्मापुर, जौनपुर’’ में विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर प्रशान्त कुमार सिंह द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और उसमें सभी मूलभूत सिद्धान्तों का जैसे की प्रजातांत्रिक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य अवसर की समान्य बंधुत्व एकता और अखंडता नागरिकों की गरिमा का संपूर्ण विवेचन करते हुए उसे संविधान की कुंजी और संविधान की आत्मा बताया और कां संपूर्ण संविधान की कुंजी उसकी प्रस्तावना में ही निहित है जो 26 नवम्बर 1949 को तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। उन्होने संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष डा0 भीमराव अंबेडकर, डा0 बी0एन0 राव और अन्य सदस्यों को इस अवसर पर याद करते हुए उन्हें महान संविधान निर्माता बताया।
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डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, जौनपुर डा0 दिलीप कुमार सिंह द्वारा बताया गया मौलिक अधिकारों के बारे में बताया कि भारत के संविधान के भाग 3 अनुच्छेद 12 से 35 में वर्णित भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए वे अधिकार है जो सामान्य स्थिति में सरकार द्वारा सीमित नहीं किए जा सकते और जिनकी सुरक्षा का प्रहरी सर्वोच्च न्यायालय है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 36 से 51 तक राज्य के नीति निर्देशक तत्व शामिल किए गये है। भारतीय संविधान के भाग 3 तथा 4 मिलकर संविधान की आत्मा तथा चेतना कहलाते है इन तत्वों में संविधान तथा सामाजिक न्याय के दर्शन का वास्तविक तत्व निहित है। निदेशक तत्व कार्यपालिका और विधायिका के वे तत्व है, जिनके अनुसार इन्हें अपने अधिकारों का प्रयोग करना होता है।
पैनल अधिवक्ता, जौनपुर देवेन्द्र कुमार यादव द्वारा बताया विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12 के अतंर्गत महिलाओें के अधिकार एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की समस्त योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य वंदना मौर्या, मैनेजर डा0 डी0के0 मौर्य, अध्यापकगण सुनीता देवी, विभा पाल, अवधेश यादव एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहें। इसी क्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय परिसर जौनपुर में भारतीय संविधान की प्रस्तावना की पाठन कार्यक्रम आयोजित किया गया, इस अवसर पर न्यायिक अधिष्ठान के समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। साथ ही वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विधिक साक्षरता/जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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