Jaunpur News : रोगों के उपचार में जीन थेरेपी कारगार, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. रमेश ने बताई उपयोगिता | Naya Savera Network
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। तिलकधारी पीजी कॉलेज के प्राणि विज्ञान विभाग द्वारा पर्यावरणीय तनाव और वैश्विक चुनौतियों पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, आईसीईजीसीसीपी-2025 का आयोजन किया गया। दूसरे दिन राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. जेएन शुक्ला ने लक्षित कीट प्रबंधन पर एक व्याख्यान दिया, जिसमें एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया गया था। एमजीसीयू, मोतिहारी के डॉ. शशिकांत रे ने जीवाणु कोशिका विभाजन तंत्र पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
प्रो. रमेश चंद्र (मेरीलैंड यूनिवर्सिटी यूएसए) ने जीन थेरेपी की रोगों के उपचार में उपयोगिता की बारे में बताया और डॉ. संजय सैनी (ब्राउन यूनिवर्सिटी यूएसए) ने भारी धातु के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव आधारित व्याख्यान दिया। डीएम उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, वर्धा के डॉ. पवन कुमार ने मुंह के कैंसर का पता लगाने के लिए मशीन लर्निंग-आधारित तीव्र निदान तकनीकों पर चर्चा की।
डॉ. जितेंद्र साहा, साहिबगंज कॉलेज झारखंड ने प्रारंभिक कैंसर का पता लगाने के लिए स्पिनट्रोनिक्स के संवेदनशील जैव सूचक के रूप में अनुप्रयोग प्रस्तुत किया। डॉ. जेएन तिवारी, प्रो. हरी शंकर सिंह एवं प्रो. एसके सिंह (सीनियर) की जूरी समिति ने सभी ओरल एवं पोस्टर प्रेजेंट करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
तीन सदस्यीय की जूरी कमिटी ने ओरल प्रेजेंटेशन के लिए रविकाश मौर्या (पी-एच.डी. स्कॉलर), पोस्टर प्रेजेंटेशन के विकाश सिंह (पी-एच.डी. स्कॉलर) एवं शिल्पा मौर्या, खुशबू यादव और विशाखा (एम.एस.सी. छात्र-संयुक्त रूप से) को सम्मानित किया गया।