नया सवेरा नेटवर्क
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में वर्ष 2019 के बैच के पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन स्नातक (बी. वी. एस. सी एण्ड ए.एच.) के छात्रों के सफलतापूर्व पास आउट होने पर ”पशु चिकित्सक शपथ” दिलायी गयी। बताया गया कि नई शिक्षा नीति में डिप्लोमा एवं वोकेशनल कोर्सेस के लिए एक यूनिफार्म पाठ्यक्रम विकसित किये जाने का प्रस्ताव भी गया है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ अजित कुमार यादव, सहायक महानिदेशक, एजुकेशन क्वालिटी असुरेन्स एंड रिफॉर्म्स, एजुकेशन डिवीज़न आई सी ए आर, नई दिल्ली ने पास हो रहे छात्रों को बधाई दी। डॉ यादव ने भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होने कहा कि डिप्लोमा एवं वोकेशनल कोर्सेस के लिए एक यूनिफार्म पाठ्यक्रम विकसित किये जाने का प्रस्ताव है। इस अवसर पर संस्थान निदेशक डा. त्रिवेणी दत्त ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि हमारे संस्थान से आज बीवीएससी का चतुर्थ बैच सफलतापूर्वक पास आउट हुआ है।
उन्होंने कहा कि संस्थान में बीवीएससी के प्रथम बैच वर्ष 2015 में प्रवेश लिया था उस समय हमारे पास सीमित संसाधन थे परन्तु हमारे पूर्व निदेशकों और संकाय सदस्यों, विभागाध्यक्षों और वैज्ञानिकों ने सीमित संसाधन में भी छात्रों को शिक्षित करने का जोर कार्य किया है वह सराहनीय है। उन्होंने यू. जी. शिक्षण को छात्रों के भविष्य तय करने का तरीका बताया। डा. त्रिवेणी दत्त ने नई शिक्षा नीति को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होने ग्रेजुएट हुए २० छात्रों को एवं उनके परिवारजनों को उपलब्धि के लिए बधाई दी।
टार्पर छात्र में अतुल प्रताप सिंह, लता देशवाल, पुष्पा कुमावत हैं। संस्थान के संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डा. एस.के. मेंदीरत्ता ने कहा कि आज आई वी आर आई देश को 20 योग्य पशुचिकित्सक दे रहा है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा क्षेत्र में अपार संभावनायें है इसके लिए आपको कठोर मेहनत करनी होगी। उन्होंने बताया की २०१९ बैच के लगभग दो सत्र कोरोना के वजह इन छात्रों को ऑनलाइन पड़ने पढ़े उसके बावज़ूद इन्होने सही समय पर अपना कोर्स पूर्ण किया है जिसके लिए डॉ रजत गर्ग एवं डॉ अभिषेक के साथ साथ संस्थान के समस्त फैकल्टी मेंबर बधाई के पात्र हैं।

सम विश्वविद्यालयलय के अधोस्नातक समन्वयक डा. रजत गर्ग ने बताया कि 20 छात्रों के इस बैच ने 22 अगस्त 2019 को प्रवेश लिया जिसमें 17 लड़के तथा 04 लड़किया देश के विभिन्न राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उड़ीसा, तेंलगाना क्षेत्र से हैं। इन छात्रों ने साढ़े पांच वर्ष तक यहां अध्ययन किया जिसमें साढ़े चार वर्ष कोर्स वर्क तथा एक साल इंटरनशिप की। इन 20 छात्रों में से 13 छात्रों ने एमवीएसी के लिए देश के विभिन्न संस्थानो में प्रवेश सुरक्षित किया है जबकि अन्य छात्रों का अच्छी कम्पनियों में प्लेसमेंट मिली है। इस बैच के एक छात्र डॉ शुभम नरवाल का चयन ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में रोडेज फ़ेलोशिप के लिए हुआ है। और वो ऐसा करने वाले देश के दूसरे पशु चिकित्सक हैं।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डा. अभिषेक ने दिया एवं संचालन डा. हिमानी धांजे द्वारा किया गया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन डा. यू. के. डे द्वारा दिया गया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक शोध, डा. एस.के. सिंह, संयुक्त निदेशक आई वी आर आई, मुक्तेस्वर डॉ यशपाल सिंह मलिक मेल, संयुक्त निदेशक कैडराड, डा.सोहिनी डे, रजिस्ट्रार श्री पी. के. जैन, सहित सम विश्व विद्यालय के डा. अरविन्द खरे सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक छात्र, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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