Poetry: अगर सहमत हैं,दिल पसीजे तो शेयर भी करें | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
अगर सहमत हैं,दिल पसीजे तो शेयर भी करें
हमने फिर से दिल्ली सौंपी,दे दी मथुरा-काशी
मोदी अब कब रेपिस्टों को,दिलवाओगे फांसी?
बंकिम चन्द्र चटर्जी,बोस,गुरू टैगोर हमारे
सखा विवेकानंद,जतिन जो हैं आंखों के तारे
उस पावन माटी की किसने कर दी सत्यानाशी
मोदी अब कब रेपिस्टों को, दिलवाओगे फांसी?
नारी का सम्मान बचाने,प्रभु रावण संहारे
उसी अयोध्या में बेटी का रेप करें नेता रे
और म्लेच्छ की रक्षा खातिर चीख रहा है पासी
मोदी अब कब रेपिस्टों को, दिलवाओगे फांसी?
बदलापुर में बदल गया देखो बाबू विद्यालय
संतों की माटी में ढाला घिन का नया हिमालय
न्याय मांगतीं छोटी छोटी बिटिया हुईं रुवांसी
मोदी अब कब रेपिस्टों को दिलवाओगे फांसी?
जो वकील रेपिस्टों खातिर न्यायालय में जाएं
जो नेता इन नरपिशाच को कोई मदद दिलाएं
चौराहे पर इन्हें टांग दो, जितने मिलें हमासी
मोदी अब कब रेपिस्टों को दिलवाओगे फांसी?
सुरेश मिश्र


