#VaranasiNews: दुखों से मुक्ति दिलाना बौद्ध धर्म का लक्ष्य: प्रो. नेगी | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
वाराणसी। बौद्ध धर्म जन्म को दुखों का कारण मानता है। तृष्णा, अविद्या को दूर कर दुखों से मुक्ति दिलाना ही बौद्ध धर्म का लक्ष्य है। बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र में गुरुवार को आयोजित बुद्ध जयंती समारोह में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने ये बातें कहीं।
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ के जगदानंद झा ने संस्कृत पालि व प्राकृत में ग्रंथों के प्रकाशन पर जोर दिया। मुख्य अतिथि संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बौद्ध धर्म के पीछे सनातन संस्कृति की भूमिका व योगदान पर प्रकाश डाला। विषय वक्ता के रूप में प्रो. रमेश प्रसाद ने ‘भगवान बुद्ध तथा विश्व समरसता पर चर्चा की। अध्यक्षता काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने की। सभी विद्वानों को ‘बुद्ध जयंती-2024 सम्मान प्रदान किया गया। प्रो. हरप्रसाद दीक्षित, प्रो. रामसुधार सिंह, प्रो. सुमन जैन ने भी विचार रखे। संचालन व संयोजन प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी, स्वागत सह सहयोजक प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी और धन्यवाद प्रो. ब्रजभूषण ओझा ने दिया।
कार्यक्रम में डॉ. सुनीता चंद्रा, प्रो. प्रद्युम्न शाह, राजीव नेगी, वीरेंद्र नेगी, डॉ. शैलेंद्र कुमार, कोमल कुमारी, रजनीश कुमार उपाध्याय, डॉ. राहुल अमृत राज, डॉ. हनुमदीश्वर कुमार सिंह, डॉ. अनुराग त्रिपाठी, डॉ. रविरंजन द्विवेदी, डॉ. उमाशंकर शर्मा, डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. अरविन्द कुमार त्रिपाठी, म्यांमार के बौद्ध भिक्षु विशारा आदि ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
Tags:
#DailyNews
#mumbai
#recent
Daily News
Local News
National
Naya Savera
New Delhi
uttar pradesh
Uttar Pradesh News
Varanasi


