वाराणसी: हरि भैया का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
वाराणसी। अयोध्या के राम मंदिर में काव्यपाठ की हसरत लिये महान गीतकार पं. हरिराम द्विवेदी मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए प्रशंसकों, शुभचिंतकों और शिष्यों का रेला शवयात्रा में उमड़ पड़ा था। हरिभैया की शवयात्रा मंगलवार को महमूरगंज स्थित उनके आवास से दोपहर करीब एक बजे मणिककर्णिका घाट के लिए रवाना हुई। आवास से रथयात्रा चौराहे तक शव को कंधे पर लाया गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, क्षेत्रीय भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भी उन्हें कंधा दिया। हरि भैया के शव को रथयात्रा से वाहन पर रखा गया। माला फूल से सजे वाहन के आगे उनका चित्र लगाया गया था। जैसे-जैसे शवयात्रा बढ़ती गई रास्ते में जगह-जगह खड़े लोग उसमें शामिल होते गए।
उनके ज्येष्ठपुत्र राजेश कुमार द्विवेदी द्वारा मुखाग्नि दिए जाने से पूर्व के कुछ मिनट बहुत ही भावुक कर देने वाले रहे। हरि भैया की शवयात्रा में पहुंचे अंतिम विदाई देने क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र यादव, पूर्व महामंत्री बनारस बार रत्नेश पांडेय, डॉ. अमलेश शुक्ल, बदरी विशाल, डॉ. नागेश शांडिल्य, गायक राजेश तिवारी, प्रतीक मिश्रा, कन्हैया दुबे केडी, रामयश मिश्र, विंध्याचल पांडेय, गौरव अरोड़ा ‘सरस, मृत्युंजय पांडेय, इलाहाबाद से गीतकार रंजन मिश्र, झांसी से आशीष द्विवेदी, पुणे से अंकित पांडेय, डॉ. रामसुधार सिंह, प्रो. सदानंद शाही, अरुण द्विवेदी, अनुपम द्विवेदी (पौत्र), अतुल द्विवेदी, श्रीश मिश्र, नागेंद्र, संताष पांडेय, संजय पांडेय, सजल श्रीवास्तव, अंकुर पांडेय, धर्म प्रकाश मिश्र, राजेंद्र गुप्त, धर्मेंद्र गुप्त साहिल, डॉ. प्रकाश उदय, दिनेश दत्त पाठक, विजयचंद्र त्रिपाठी आदि प्रमुख रूप से रहे।
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