जौनपुर: नया आयोग के नियम शिक्षकों के हितों के विरूद्ध:रमेश सिंह | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
सीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
जौनपुर। चयनबोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 18 और 21 जहां एक ओर काम के बदले दाम की व्यवस्था करती है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को सेवा सुरक्षा भी प्रदान करती है ,इसलिए नए आयोग के अंतर्गत भी इसे हूबहू बरकरार रखा जाना चाहिए। उक्त आशय का मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए उप्रमाशि संघ सेवारत के प्रदेश अध्यक्ष रमेश सिंह और प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. जंगबहादुर सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि माशि सेवा चयनबोर्ड अधिनियम की धारा 18 के अंतर्गत जब कोई प्रधानाचार्य का पद रिक्त होता है तो चयनबोर्ड से चयनित प्रधानाचार्य के आने तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य को प्रधानाचार्य पद का वेतनमान मिलता है जिससे वह मनोयोग से काम करता है लेकिन जो नया आयोग बनाया जा रहा है उसमें इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में सम्भव है कि कल को कोई कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनने के लिए तैयार ही न हो। इसी प्रकार पुराने अधिनियम की धारा 21 शिक्षकों को सेवा सुरक्षा प्रदान करती थी क्योंकि चयनबोर्ड की पूर्वानुमति के बगैर शिक्षक के विरूद्ध कोई भी दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जा सकती थी और यदि विद्यालय प्रबन्धन द्वारा की जाती है तो शून्य होगी। लेकिन यह व्यवस्था भी नए आयोग से हटाते हुए शिक्षकों को प्रबन्धन द्वारा उत्पीड़न के लिए छोड़ दिया गया है। ऐसी स्थिति में दोनों ही संगठन मुख्य मंत्री से मांग करते हैं कि पुराने अधिनियम के धारा 18और 21 को यथाशीघ्र नए आयोग के नियमों में भी यथावत बनाए रखा जाय। अन्यथा विवश होकर प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को पठन-पाठन छोड़कर सडकों पर आन्दोलन करना होगा। उक्त अवसर पर उप्रमाशि संघ सेवारत के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह प्रधानाचार्य माशिसंघ के जिलाध्यक्ष तेरस यादव प्रधानाचार्य डॉ एसपी सिंह, डॉ.शैलेन्द्र सिंह, डॉ.संजय चौबे, शिक्षक नेता डॉ.गजाधर राय, मोहम्मद आजम खां सहित सैकड़ो शिक्षक मौजूद रहे।


