टाइगर इन मेट्रो: लिखावट की दृश्यात्मक शैली है कैलीग्राफी | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
- हज़रतगंज मेट्रो पर दीपेंद्र सिंह द्वारा कैलीग्राफी का हुआ आर्टिस्ट डेमो
लखनऊ। सुंदर कलात्मक लिखावट की कला है कैलीग्राफी। एक अक्षर देखने मे सुंदर और कलात्मक लगे तो उसे लेखन की कला कह सकते हैं। कभी कभी अक्षर एक रूप या आकार लिए हुए भी होते हैं जो किसी अवसर या विचार को दृश्यात्मक प्रस्तुति होती है। कलात्मक लिखावट का चलन प्राचीन काल से है। पहले इसका प्रयोग पत्थरों पर फिर समय बदला और बाद में धातु के प्लेटों पर सुंदर अक्षरों में लिखा जाने लगा। चौड़े नोक वाले लेख उपकरणों जैसे कि ब्रश, एवं अन्य उपकरण आदि के द्वारा अक्षरों को एक पटल पर उभारने की कला रही है। वर्तमान समय में लोग अपने घरों पर नाम प्लेट लगवाने के लिए इस कला का प्रयोग करते हैं। प्रतीकों और संकेतों को एक अर्थपूर्ण, सुव्यवस्थित और कौशल पूर्ण तरीके से आकार प्रदान करने की कला कैलीग्राफी है। आज इस सुंदर लिखावट विधि से कोट्स,मंत्रों, श्लोकों, दोहा, भजन तथा धार्मिक आयातों को उकेरा जाता है।
बाद में कागज पर सरकडे (बांस) की कलम, पक्षियों के पंख की कलम द्वारा सुंदर अक्षरों में लिखा जाने लगा यह कला लगातार विकसित होती रही है और अब फाउंटेन पेन की निब, स्केच, मार्कर का आविष्कार हुआ, तो इंक के जरिए निब से सुंदर अक्षरों में लिखा जाने लगा। उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो देश में अशोक के स्तंभ पत्थर पर कैलीग्राफी कला के बेहतर नमूना हैं।
टाईगर इन मेट्रो प्रदर्शनी के क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने बताया कि गुरुवार को हज़रतगंज मेट्रो स्टेशन पर चल रहे दस दिवसीय अखिल भारतीय पेंटिंग एवं छायाचित्र प्रदर्शनी टाइगर इन मेट्रो के सातवें दिन कैलीग्राफी का आर्टिस्ट डेमोंस्ट्रेशन हुआ। डेमो के लिए उत्तर प्रदेश के ही युवा कलाकार, कैलिग्राफर दीपेंद्र सिंह रहे। दीपेंद्र ने अपने सुंदर लिखावट का एक नमूना लोगों के सामने प्रस्तुत किया।
अस्थाना ने बताया कि प्रदर्शनी का शीर्षक "Tiger in metro" का टाइटल डिज़ाइन दीपेंद्र सिंह ने ही किया है। दीपेंद्र जालौन जिले के रहने वाले हैं। पिछले चार साल से कैलीग्राफी कर रहे हैं। इस बीच इन्होने बहुत सी कैलीग्राफी एग्जिबिशन को देखा और प्रतिभाग किया है। The Calligraphy Foundation द्वारा आयोजित अक्षर महोत्सव मैं ऑर्गेनाइजिंग टीम का हिस्सा भी रहे। जिससे इन्हें बहुत कुछ सीखने को भी मिला, सूरत में आयोजित " callifest India " का भी हिस्सा बनने का मौका और जिसमे देश विदेश से 20 जानेमाने कैलीग्राफर आए थे अपने देश के विभिन्न मास्टर कैलीग्राफर से भी मिलने का मौका मिला।
सरकारी शिक्षा संस्थान संत कबीर अकादमी का लोगो डिजाइन भी दीपेंद्र ने ही किया है, दीपेंद्र की कैलीग्राफी वर्क कई प्रदर्शनी में प्रदर्शित हो चुकी हैं। दीपेंद्र लखनऊ कला महाविद्यालय से कला में स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में कर रहे हैं। यदि आप हज़रतगंज मेट्रो स्टेशन पर आते हैं तो टाइगर इन मेट्रो प्रदर्शनी देखने के साथ साथ आप अपने नाम को भी सुंदर लिखावट में लिखवा सकते हैं। प्रदर्शनी 2 जुलाई 2023 तक सभी के लिए लगी रहेगी आप इस प्रदर्शनी का अवलोकन अवश्य करें।
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