BREAKING

तुलसीदास जयंती पर केसीटीसी कॉलेज में संगोष्ठी, साहित्यकारों ने दी भावांजलि



नया सवेरा नेटवर्क

रक्सौल। खेमचंद ताराचंद महाविद्यालय, रक्सौल में बुधवार को हिन्दी साहित्य के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संत साह ने की। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. हरीन्द्र हिमकर रहे। विशिष्ट अतिथि वीरगंज स्थित ठाकुर राम बहुमुखी कैंपस के प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ. स्वयंभू शलभ रहे। वीरगंज से आए गायक एवं लेखक ध्रुव सिंह ठकुरी तथा गीतकार, संगीतकार एवं अभिनेता अजमत अली भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय की छात्राओं मुस्कान, प्रिया, प्रकृति बरनवाल, रहमा साबीर और रहिमा साबीर ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया।


संगोष्ठी में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. इन्द्रभूषण, डॉ. पी.के. चक्रवर्ती, डॉ. जीछु पासवान, डॉ. धनु कुमार और डॉ. अमित कुमार ने तुलसी साहित्य में सामाजिक समरसता के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे।


प्राचार्य प्रो. संत साह ने बीज व्याख्यान देते हुए कहा कि तुलसी साहित्य में सामाजिक समरसता को समझने के लिए उस समय की सामाजिक व्यवस्था को समझना आवश्यक है। करीब पांच सौ वर्ष पूर्व की परिस्थितियां आज से अलग थीं। उन्होंने कहा कि जो साहित्यकार अपने समय से अलग हटकर प्रगतिशील विचार प्रस्तुत करता है, वह ऐतिहासिक महत्व प्राप्त करता है। तुलसीदास ने उस दौर में संस्कृत के वर्चस्व के बीच अवधी में रामकथा लिखकर उसे जन-जन तक पहुंचाया।

यह भी पढ़ें | Prayagraj News: प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय में तुलसी जयंती समारोह आयोजित

मुख्य वक्ता डॉ. हरीन्द्र हिमकर ने कहा कि तुलसीदास का पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से साहित्य में एक नई लकीर खींची। डॉ. स्वयंभू शलभ ने कहा कि रामचरितमानस भारतीय समाज, साहित्य और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। तुलसीदास ने जनभाषा अवधी में श्रीराम की कथा को घर-घर पहुंचाकर भक्ति आंदोलन को नई दिशा दी।


कार्यक्रम के अंत में काव्य पाठ एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। डॉ. हरीन्द्र हिमकर ने अपने भोजपुरी खंडकाव्य रामबोला का पाठ किया। अजमत अली ने ‘हमरा त नीक लागे साइकिल सवारी’ गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। ध्रुव सिंह ठकुरी ने गोपाल सिंह नेपाली की गजल सुनाई, जबकि पी.के. चक्रवर्ती ने रामभजन प्रस्तुत कर सभी को आनंदित किया।


कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. प्रेम प्रकाश ने किया। इस अवसर पर डॉ. राम सेवक साह, डॉ. राजकुमार साहनी, शर्मा प्रसाद, कुमार अमित सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शुभम कुमार सिंह, हर्षित राज, निखिल कुमार शर्मा, मनीषा कुमारी समेत सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ डोभी जौनपुर के अध्यक्ष आलोक सिंह की तरफ से श्रावण मास, स्वतंत्रता दिवस, नागपंचमी और रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
Ad


माउंट लिटरा जी स्कूल के डायरेक्टर अरविंद सिंह की तरफ से श्रावण मास, स्वतंत्रता दिवस, नागपंचमी और रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
Ad


वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ जौनपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह की तरफ से श्रावण मास, स्वतंत्रता दिवस, नागपंचमी और रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
Ad



नया सबेरा का चैनल JOIN करें