Bareilly News: साहित्य परिषद ने छः साहित्यकारों को राधेश्याम कथावाचक सम्मान से किया विभूषित
निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा
बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रान्त, बरेली के तत्वावधान में पंडित राधेश्याम कथावाचक की 63 वीं पुण्य- तिथि के अवसर पर अवसर पर बाल रामायण के रचयिता डाॅ दीपांकर गुप्ता, डाॅ ब्रजेश कुमार शर्मा, डाॅ एस पी मौर्या, सुरेन्द्र वीनू सिन्हा, साहित्यकार निरुपमा अग्रवाल और प्रमोद कुमार मिश्रा को राधेश्याम कथावाचक साहित्य सम्मान से विभूषित किया गया ।पत्रकार सचिन श्याम भारती को अटल पत्रकार गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया ।
प्रभात नगर में प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा की अध्यक्षता में हुये कार्यक्रम में समाजसेवी सुरेन्द्र वीनू सिन्हा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे ।
मोहन चन्द्र पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती की वंदना की गई। कार्यक्रम में साहित्य परिषद से जुड़े लोगों ने राधेश्याम कथावाचक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हे भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि पंडित राधेश्याम कथावाचक हिन्दी साहित्य के एक जाज्ज्वल्यमान नक्षत्र हैं । उन्होने लोक नाट्य शैली में लिखी अपनी कालजई कृति राधेश्याम रामायण के माध्यम से रामकथा को जन-जन तक पहुंचाया। सन् 1922 में लाहौर में हुए विश्व सर्वधर्म सम्मेलन का शुभारम्भ पंडित राधेश्याम कथावाचक के गाए मंगलाचरण से हुआ था । उन्होने कहा कि बे बरेली के गौरव हैं और अपनी कृतियों के माध्यम से बे जनमानस में सदैव जीवन्त रहेंगे ।
यह भी पढ़ें | Jaunpur News: गैस पाइपलाइन से क्षतिग्रस्त सड़क, डीएम नाराज
विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र वीनू सिन्हा ने कहा राधेश्याम कथावाचक का जन्म बरेली के बिहारीपुर मुहल्ले के एक साधारण परिवार ब्राह्मण परिवार में हुआ था । उन्होने अपनी लगन और प्रतिभा के बल पर साहित्य जगत में राधेश्याम रामायण तथा कृष्णायन जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की ।
डाॅ एस पी मौर्य ने कहा कि राधेश्याम कथावाचक ने बीस नाटक भी लिखे। उनके लिखे नाटक वीर अभिमन्यु ', 'सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र' द्रोपदी स्वंयवर' आदि जनता के मध्य बहुत लोकप्रिय हुए । डाॅ मौर्य ने इन नाटकों के कुछ रोचक संबाद भी गोष्ठी में साझा किए ।
विमलेश चन्द्र दीक्षित, गंगाराम पाल, कुलदीप वर्मा, सरदार गुरविंदर सिंह, रितेश साहनी, डाॅ दीपांकर गुप्त और प्रकाश चन्द्र सक्सेना आदि ने काव्य पाठ के माध्यम से राधेश्याम कथावाचक को अपनी भावांजलि अर्पित की ।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ व्रजेश कुमार शर्मा एवं आभार निरुपमा अग्रवाल ने व्यक्त किया।
![]() |
| विज्ञापन |

