Jaunpur News: उग्रसेन को एक पुत्र कंस हुआ वो भी आताताई था: डा. कौशलेंद्र महराज
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। मेजापुर गोण्डा गांव में श्रीमद्भागवत पुराण कथा के चौथे दिन कथाव्यास ने देवकी के आठ संतानों की उत्पत्ति सहित श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। कथा में राजा दक्ष की सोलहवीं कन्या शक्ति से शिव के विवाह का भी प्रसंग बताया। कथावाचक कौशलेंद्र महराज ने कथा का वर्णन कृष्ण जन्मोत्सव से प्रारंभ किया। बताया कि द्वापर में मथुरा देश के दो भाग थे तथा दोनों भाग पर दो बशो के राजा का राज था। पहले बिष्टवंश में दो भाई देवक व उग्रसेन हुए जिसमे देवक बड़े थे जिनके इकलौती पुत्री देवकी थी जो राजपाट छोटे भाई उग्रसेन को सौंपकर भगवान की पूजा करने चले गई। उग्रसेन को एक पुत्र कंस हुआ जो आताताई था। पिता को जेल में डाल कर राजा बन गया वहीं दूसरी भाग पर यदुवंश का राज जिसके राजा सूरसेन के 10 पुत्र व पांचवी पुत्री थी। सूरसेन की बड़ी पुत्री को महाराजा ने मांगा जो बाद में पांडु की मां कुंती हुई।
यह भी पढ़ें | Jaunpur News: बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत विधानसभा संगोष्ठी सम्पन्न
यदुवंश के बड़े पुत्र वासुदेव थे वासुदेव का 17 विवाह हुआ था, अठारहवां विवाह देवकी से हुआ। इसके बाद कंस ने आकाशवाणी को सुनकर दोनों को जेल में डाल दिया। कथा वाचक ने कहा कि भादोमास की अंधियारी रात को अष्टमी के दिन कंस के मथुरा जेल में अचानक अलौकिक प्रकाश फैलने लगा और माता देवकी के गर्भ से श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ। वहां के समस्त बंदी मूर्छित हो गए जेल के दरवाजे खुल गए आकाशवाणी हुई जिसे सुनकर वासुदेव नन्हे बालक रूप में लेकर यमुनापार गोकुल नंद के घर पहुंचकर वहां से नवजात कन्या को लेकर वापस आए। सुबह होते ही गोकुल में नंद बाबा के घर बालक जन्म होने की बात पता चलते ही उत्सव मनाया जाने लगा। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनकर वहां मौजूद सोता गण भाव विभोर होकर खुशी से झूम उठे। मुख्य जजमान हरिराम दूबे, पंकज दूबे लालाजी दूबे राजू ओझा वेद प्रकाश ओझा राम आशीष संतोष सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
![]() |
| विज्ञापन |

,%20%E0%A4%A8%E0%A4%88%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%9C%20%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BE,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8C%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%20%20%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%A8%20%E0%A4%A80%207355%20358194,%2005452-356555.jpg)
