Jaunpur News: आउटसोर्सिंग के नाम पर युवाओं का हो रहा शोषण : डॉ. रागिनी
पावर कॉरपोरेशन के 78,000 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हटने पर कहाँ जाएंगे
आउटसोर्सिंग पर समान कार्य समान मानदेय पर सरकार विचार करेगी
विधानसभा में डॉ. रागिनी सोनकर ने श्रम सेवायोजन मंत्री से पूछा सवाल
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र में आज शुक्रवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दे पर जोरदार आवाज उठी।सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने श्रम सेवा योजना मंत्री से प्रदेश के लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य को लेकर गंभीर प्रश्न किए।
डॉ. सोनकर ने कहा कि प्रदेश में लाखों कर्मचारी आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत हैं, जिन्हें मात्र 10 से 12 हजार रुपये मानदेय पर काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। न तो उनके कार्य समय का निर्धारण है और न ही सुरक्षित कार्य वातावरण की गारंटी। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के शोषण की स्थिति पर उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर कंपनियों के माध्यम से भ्रष्टाचार और शोषण का सिलसिला जारी है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अस्थायी नियुक्ति के कारण तीन वर्ष बाद उनके भविष्य की कोई गारंटी नहीं होती, जिससे असुरक्षा और भ्रष्टाचार की स्थिति और बढ़ती है।
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डॉ. सोनकर ने पूछा कि जिस पद पर स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं, उसी पद पर कार्य कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को क्या सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन देगी?
उन्होंने सरकार द्वारा ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ पदों पर लगी रोक का मुद्दा उठाया और कहा कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष बड़ी संख्या में पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि कार्यरत कर्मचारियों में लगभग 30% दलित और 70% ओबीसी वर्ग से आते हैं। स्थायी भर्तियों को रोककर आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देना सामाजिक न्याय के विरुद्ध है।
डॉ. सोनकर ने सदन के पटल पर दिसंबर 2025 में जारी एक पत्र का उल्लेख किया, जिसमें पावर कॉर्पोरेशन द्वारा 78,000 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाने की बात कही गई है।
उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया — “78,000 लोग कहाँ जाएंगे?”
डॉ. सोनकर ने मांग की कि जो कर्मचारी तीन वर्ष से अधिक समय से आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे हैं, उन्हें स्थायी करने पर सरकार तत्काल विचार करे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि युवाओं को अस्थायी व्यवस्था में रखकर शोषण करना उचित नहीं है। सरकार को पारदर्शी और न्यायसंगत रोजगार नीति बनानी चाहिए।
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