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Jaunpur News: एआई का उपयोग कर उद्यमों में उत्पादकता बढ़ाने पर दिया जोर

एमएसएमई एवं उद्यमियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर हुई कार्यशाला      

निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा 

बरेली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वास्तविक व्यावसायिक अनुप्रयोगों पर चर्चा करके उद्यमों में उत्पादकता बढ़ाना, परिचालन लागत कम करना तथा बिक्री, मानव संसाधन, वित्त एवं संचालन जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में तेज़ एवं डेटा- आधारित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना पर जोर दिया गया। होटल कासा डिवाइन में वधवानी फाउंडेशन एप,  इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई. आई. ए.) बरेली चैप्टर एवं ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (ए. आई. एम. ए.) के सहयोग से बरेली मंडल के एम एस एम ई उद्यमियों एवं उद्योगपतियों के लिए “उत्पादकता एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय कार्यशाला हुई। इस कार्यशाला में वक्ताओं ने बताया कि एम एस एम ई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो सकल घरेलू उत्पाद, निर्यात एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विशेषकर आर्थिक क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देने में। ऐसे में एम एस एम ई की क्षमताओं को सशक्त बनाना सतत उत्पादकता एवं तेज़ विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्यशाला में असिस्टेंट डायरेक्टर, ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन एकता नैय्यर ने कहा कि यह सहयोग इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई. आई. ए.) बरेली चैप्टर के साथ मिलकर कार्य करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों को एम एस एम ई के लिए सरल, सुलभ एवं व्यवहारिक बनाया जा सके। इससे उद्यमियों की दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक विकास को मजबूती मिलेगी।

श्रीमती श्वेता सिंह, प्रोग्राम मैनेजर, इनिशिएटिव्स, वाधवानी फाउंडेशन ने कहा कि इस अवसर पर प्रतिभागियों को वधवानी एक्सेलेरेट बिज़नेस ग्रोथ सपोर्ट प्रोग्राम एवं वधवानी स्प्रिंट प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई, जो निःशुल्क उपलब्ध है। यह प्लेटफॉर्म एम एस एम ई को व्यावसायिक चुनौतियों की पहचान, विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सलाह और निष्पादन सहायता के माध्यम से संरचित विकास योजनाओं को लागू करने में सहायक है।

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 नितिन करकरा ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। नितिन ने सरल एवं सहज भाषा में बताया कि किस प्रकार  एप का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत में कमी लाने, बिक्री, मानव संसाधन, वित्त एवं संचालन जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में बेहतर एवं त्वरित निर्णय लेने के लिए किया जा सकता है।

नितिन करकरा द्वारा प्रस्तुत सत्र को प्रतिभागियों ने अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया जिससे उद्यमियों को अपने व्यवसाय मे एप को अपनाने की स्पष्ट दिशा एवं आत्मविश्वास प्राप्त हुआ।

यह कार्यशाला स्थानीय सहयोग एवं व्यावहारिक, ए. आई. -सक्षम व्यावसायिक सहायता के माध्यम से एम एस एम ई सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।कार्यशाला में शामिल उद्यमियों को वधवानी लिफ्टऑफ एप प्लेटफॉर्म के बारे में भी बताया गया, जो एक टेक्नोलॉजी- इनेबल्ड ग्रोथ सपोर्ट सॉल्यूशन है जिसे टेक्नोलॉजी- आधारित सलाह और एग्जीक्यूशन सपोर्ट के ज़रिए उद्यमी को सपोर्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (ए आई) वर्कशॉप की  प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम एम एस एम ई  उद्यमियों के लिए अत्यंत समयोचित एवं उपयोगी है।

दिनेश गोयल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को अपनाना उद्योगों के लिए आवश्यकता बन चुका है और इस प्रकार की कार्यशालाएँ उद्यमियों को नई तकनीक से जोड़कर उन्हें अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी एवं भविष्य के लिए तैयार बनाती हैं। दिनेश गोयल  ने आई. आई. ए. बरेली चैप्टर एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को निरंतर करने का आह्वान किया।

आई.आई.ए. बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में एम एस एम ई एवं उद्योगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। ऐसी कार्यशालाएँ हमारे उद्यमियों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में सहायक सिद्ध होंगी। आई.आई.ए. बरेली चैप्टर निरंतर अपने सदस्यों को नवीन तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

आई. आई. ए. बरेली चैप्टर के सचिव रजत मेहरोत्रा ने कहा कि वधवानी फाउंडेशन एवं ए. आई. एम. ए. के सहयोग से यह कार्यशाला उद्यमियों के लिए उपयोगी रही। इसमें प्राप्त व्यावहारिक जानकारी उद्यमियों को अपने व्यवसाय में तुरंत लागू करने योग्य है। इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम स्थानीय उद्योगों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आई. आई. ए. बरेली चैप्टर के कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन, लागत नियंत्रण एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग की असीम संभावनाएँ हैं। इस कार्यशाला ने उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपने व्यवसाय को अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने की दिशा में नई सोच प्रदान की है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से  शाहजहांपुर चैप्टर चेयरमैन विनम्र अग्रवाल, मुरादाबाद चैप्टर चेयरमैन  रवि कटारिया, धनंजय विक्रम सिंह, तरूण अग्रवाल, आशुतोश शर्मा, नीरज सक्सेना, विनय खंडेलवाल,  राजीव आनन्द, सलिल बंसल, सजल गोयल, सुदीप राजगाढ़िया, ध्रुव खानिजों, प्रियंक वर्मा, मंसूर कटियार, सौरभ मेहरोत्रा, अंशुल जैन, अंकित अग्रवाल, अमन अरोरा आदि बरेली मण्डल से कई उद्यमियों ने भाग लिया।


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