Jaunpur News: प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और उपयोग पर पांच वर्ष की कैद
डीएम ने विक्रेताओं और पतंग उड़ाने वालों को दी सख्त चेतावनी
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में जिला पौधरोपण, पर्यावरण व गंगा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने दुकानदारों के साथ पतंग उड़ाने वालों को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के क्रम में जनपद में प्रतिबंधित मांझे का निर्माण, भंडारण और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई बेचता व इस्तेमाल करता पाया गया तो पांच साल की सजा व जुर्माना लगेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करना जारी रखता है, तो उस पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन की दर से अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं एक वर्ष से अधिक समय तक उल्लंघन जारी रहने पर जेल की अवधि सात वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
यह भी पढ़ें | Jaunpur News: बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे डॉ काशीनाथ: अजय राय
उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने निकाय क्षेत्रों में सघन अभियान चलाएं। जहां भी प्रतिबंधित मांझे का भंडारण या विक्रय मिले, उसे तत्काल जब्त कर नष्ट किया जाए।
पर्यावरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उन विभागों को चेतावनी दी जिन्होंने अब तक पौधारोपण के पश्चात पौधों की जीवितता रिपोर्ट जमा नहीं की है। उन्होंने दो दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया। बैठक में पौधों की सुरक्षा, सिंचाई, जीपीएस निगरानी और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व अजय अम्बष्ट, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, डीएफओ प्रोमिला सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
