BREAKING

Bareilly News: जागरूकता एवं हस्तक्षेप से रोगजनित हानियों को किया जा सकता है काफी कम

निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा 

बरेली। डिजिटल विस्तार एवं स्मार्ट कृषि में नवाचार विषय पर 21- दिवसीय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई सी ए आर) शीतकालीन विद्यालय का औपचारिक उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद– भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आई सी ए आर- आई वी आर आई), इज्जतनगर में अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं अकादमिक वातावरण में हुआ। जिसमें बताया गया कि जागरूकता एवं समुचित हस्तक्षेप से रोगजनित हानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उद्घाटन भाषण प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. अजीत सिंह यादव, सहायक महा निदेशक (ई क्यू ए आर), कृषि शिक्षा प्रभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई सी ए आर) ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में मानव संसाधन विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा से संबंधित विभिन्न आईसीएआर नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से पशुपालन क्षेत्र में रोगों के प्रकोप से पूर्व किसानों तक समय पर सूचना के प्रभावी प्रसार, निवारक रणनीतियों के विकास तथा हितधारकों के साथ सक्रिय एवं सतत संवाद के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समय रहते जागरूकता एवं समुचित हस्तक्षेप से रोगजनित हानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

डॉ. यादव ने कृषि शिक्षा में वर्तमान में चल रहे सुधारों, गुणवत्ता आश्वासन तंत्र तथा प्रसार शिक्षा में डिजिटल नवाचारों के प्रभावी एकीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसान- केंद्रित परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं विस्तार प्रणालियों की समग्र प्रभावशीलता बढ़ाने में स्मार्ट फार्मिंग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई सी टी) तथा डेटा विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा सुधार, नीति निर्माण एवं अनुसंधान प्रबंधन के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव से प्राप्त महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टियाँ भी प्रतिभागियों के साथ साझा कीं।

 अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. त्रिवेणी दत्त, निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद– भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आई सी ए आर- आई वी आर आई), इज्जतनगर ने विभिन्न संस्थानों से आए सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया तथा आईसीएआर संस्थानों के निदेशकों एवं कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस आई सी टी- आधारित शीतकालीन विद्यालय हेतु अपने संकाय सदस्यों को नामित किया। उन्होंने सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए कृषि प्रसार में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं डिजिटल रूपांतरण की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. दत्त ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई सी ए आर) के कृषि शिक्षा प्रभाग का आभार व्यक्त करते हुए इस प्रतिष्ठित शीतकालीन विद्यालय के आयोजन का दायित्व आईसीएआर-आईवीआरआई को सौंपे जाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही, उन्होंने संस्थान की 136 वर्षों की गौरवशाली विरासत एवं राष्ट्रीय सेवा में इसके महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी प्रतिभागियों को दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पशुपालक समुदाय एवं पशुधन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के कल्याण हेतु आईसीएआर-आईवीआरआई द्वारा विकसित विभिन्न मोबाइल अनुप्रयोगों एवं चैटबॉट्स पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अजीत सिंह यादव, सहायक महानिदेशक (शिक्षा गुणवत्ता आश्वासन एवं सुधार), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. त्रिवेणी दत्त, निदेशक एवं कुलपति, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद– भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईवीआरआई), इज्जतनगर ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ देशभर के विभिन्न संस्थानों से पधारे सभी गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों, संसाधन व्यक्तियों तथा प्रतिभागियों के हार्दिक एवं आत्मीय स्वागत के साथ किया गया।

शीतकालीन विद्यालय की पाठ्यक्रम निदेशक एवं संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रुपसी तिवारी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 21 प्रतिभागियों ने सहभागिता की है, जिनमें प्रमुख रूप से सहायक प्राध्यापक (14), वैज्ञानिक (3) तथा विषय-वस्तु विशेषज्ञ/एसएमएस (4) शामिल हैं। प्रतिभागी विभिन्न राज्य कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों से आए हैं, जिनमें सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ; राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर; असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहाट; गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना; लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, हिसार; गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर; यशवंतराव चव्हाण शासकीय कृषि महाविद्यालय, कराड; तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त आईसीएआर संस्थानों (आईएआरआई, झारखंड एवं आईवीआरआई) तथा कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) से भी प्रतिभागियों की सहभागिता रही।

यह भी पढ़ें | Mumbai News: मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए किया मतदान : कृपाशंकर सिंह 

डॉ. तिवारी ने बताया कि यह विषय न केवल समयोचित है, बल्कि वर्तमान कृषि परिदृश्य की वास्तविक आवश्यकताओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि एवं पशुपालन एक गहन परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं, जहां डिजिटल तकनीकें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा स्मार्ट फार्मिंग समाधान किसानों तक ज्ञान एवं सेवाएं पहुंचाने की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से परिवर्तित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज विस्तार सेवाएं केवल भौतिक संपर्क तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि वे तकनीक-सक्षम, सहभागी एवं प्रभावोन्मुखी स्वरूप में विकसित हो रही हैं।

डॉ. तिवारी ने आगे बताया कि डिजिटल एक्सटेंशन में ई-एक्सटेंशन प्लेटफॉर्म, सोशल एवं मास मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन, आईओटी, ब्लॉकचेन, एआर/वीआर जैसे इमर्सिव टूल्स तथा ऑनलाइन लर्निंग इकोसिस्टम शामिल हैं, जो ज्ञान के सृजन, प्रसार एवं अंगीकरण की प्रक्रिया को नए आयाम प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल संचार रणनीतियों, सोशल मीडिया, ब्लॉग, पॉडकास्ट, व्लॉग, रेडियो एवं टेलीविजन स्क्रिप्टिंग, फोटोग्राफी एवं वीडियो- आधारित एक्सटेंशन, साथ ही एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ड्रोन, आईओटी एवं ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त डेयरी, पोल्ट्री, जैविक खेती एवं पर्वतीय कृषि में स्मार्ट फार्मिंग अनुप्रयोगों, ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों तथा ई-एक्सटेंशन की नीति, नैतिकता एवं प्रभाव मूल्यांकन से संबंधित विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम का समापन शीतकालीन विद्यालय के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. बबलू कुमार द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र का समापन सामूहिक छायाचित्र के साथ किया गया, जिसने शीतकालीन विद्यालय की सफल, सार्थक एवं उत्साहवर्धक शुरुआत को प्रतीकात्मक रूप से चिह्नित किया। 

Gahna Kothi Jaunpur | गहना कोठी जौनपुर
विज्ञापन

JAUNPUR FITNESS GYM 📍UTSAV MOTEL WAZIDPUR TIRAHA JAUNPUR ☎️ +91-9119844009, 9580485070
विज्ञापन



नया सबेरा का चैनल JOIN करें