Mumbai News: बांद्रा पूर्व में शिवसेना शिंदे गुट बढ़ा सकती है उद्धव ठाकरे की मुश्किलें
नया सवेरा नेटवर्क
मुंबई। शिवसेना का गढ़ मानी जाने वाली बांद्रा पूर्व विधानसभा में आने वाले महापालिका चुनाव में उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शिवसेना में दो फाड़ होने के बाद शिंदे गुट यहां अपनी जड़ें मजबूत करने में लग गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का पूरा प्रयास है कि शिवसेना के परंपरागत इस गढ़ पर कब्जा जमाया जाए। यही कारण है कि प्रशासनिक और पार्टीगत रूप से उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वैसे यहां के मराठी मतदाताओं का हमेशा से बालासाहेब ठाकरे के प्रति निष्ठा रही है। इसका प्रमुख कारण मातोश्री का इस विधानसभा में स्थित होना है। एक प्रकार से यहां की लड़ाई मातोश्री के सम्मान की लड़ाई बन जाती है। हमेशा यहां उच्च शिक्षित लोगों को ही जनप्रतिनिधि होने का अवसर प्राप्त होता रहा है। विधायक वरुण देसाई की बात करें अथवा विधायक एडवोकेट अनिल परब की, दोनों ही उच्च शिक्षित हैं। प्रभाग क्रमांक 95 में शिवसेना यूबीटी तथा भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने की पूरी संभावना है।
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प्रभाग क्रमांक 87 की बात करें तो यहां भाजपा के पूर्व नगरसेवक महेश पारकर की मजबूत स्थिति बनी हुई है। वार्ड क्रमांक 93 में कांग्रेस पूरी ताकत के साथ तैयारी कर रही है। माना जाता है कि वह यहां से मजबूत प्रत्याशी को अपना उम्मीदवार बनाएगी। प्रभाग क्रमांक 94 की बात करें तो यहां पूर्व शिवसेना यूबीटी नगरसेवक को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। भाजपा की तरफ से रुपेश मालुसरे इस प्रभाग में प्रमुख दावेदार हैं। पिछले चुनाव की बात करें तो उन्हें 7 हजार मत प्राप्त हुए थे तो यहां से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ विवेकानंद जाजू को 6 हजार मत प्राप्त हुए थे। इस प्रभाग में शिवसेना शिंदे गुट ने जमीनी तैयारी तेज कर दी है। माना जाता है कि दो से तीन हजार मतदाताओं का झुकाव उसकी तरफ है। ऐसे में यहां से भाजपा की जीत तय मानी जा रही है। इस प्रभाग पर नजर दौड़ाएं तो साफ है कि यहां के मतदाता उच्च शिक्षित प्रत्याशियों के पक्ष में ही मतदान करते रहे हैं।
इस प्रभाग से यूबीटी के तीन प्रमुख दावेदार पूर्व नगरसेविका प्रज्ञा भूतकर, महिला शाखा प्रमुख दीपिका साटम तथा डॉ जाजू की उच्च शिक्षित MBBS,MD बेटी डॉ पूर्वा जाजू है। डॉक्टर पूर्वा ने कोरोना संकट काल में जिस तरह से अपनी जान हथेली पर लेकर लोगों के बीच सेवा कार्य किया, उसे लोग आज भी याद कर रहे हैं। प्रभाग क्रमांक 93 में भाजपा से सागर घाटगे, कांग्रेस से एडवोकेट शेजवल तथा यूबीटी से अरुण कांबली प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। ऐसे में देखना है कि शिंदे शिवसेना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उद्धव ठाकरे किन लोगों को अपना प्रत्याशी बनाते हैं? परंतु एक बात तो तय है कि उन्हें उच्च शिक्षित प्रत्याशियों को पूरी वरीयता देनी होगी ताकि जनता के बीच वह खुलकर कह सके कि हमने एक उच्च शिक्षित प्रत्याशी को आपके बीच उतारा है।

