Jaunpur News: श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की वृद्धि करती है: रामजी महाराज
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति, मन की शांति और दुखों से मुक्ति है। यह ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की वृद्धि करती है, जन्म-जन्मांतर के पापों को नष्ट करती है और व्यक्ति को सांसारिक मोह, शोक और भय से दूर ले जाती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित सम्मनपुर, गोपालापुर में युवा समाजसेवी डीएस तिवारी के यहां आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से कथा कहते हुए श्रीधाम वृंदावन के प्रख्यात कथावाचक रमाकांत उर्मलिया (रामजी महाराज) ने उपरोक्त बातें कही।
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उन्होंने तमाम उदाहरण के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के पूर्व जन्म की कथा सुनाई। प्रमुख यजमान के रूप में बद्रीनारायण तिवारी तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अनीता तिवारी ने आरती और पूजा किया। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में आचार्य परमानंद तिवारी, आचार्य अशोक कुमार तिवारी, काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम तिवारी, राष्ट्रपति पुरस्कृत कृष्णदेव दुबे, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रामसेवक पांडे, गौ रक्षा दल के जिला प्रमुख महेंद्र शुक्ला, ग्राम प्रधान हरसू पाठक, सागर दुबे, आदिनाथ तिवारी, रामधारी तिवारी, अनिल कुमार दुबे, इंद्रेश तिवारी, मुकुंदधर तिवारी, सदापति तिवारी, मुकुंद दुबे, सुशील तिवारी, उमाशंकर तिवारी समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति की तरफ से शिवनारायण तिवारी, विजय नारायण तिवारी, जय नारायण तिवारी, अजीत तिवारी, अजय तिवारी, अमित तिवारी तथा संदीप तिवारी ने आए हुए लोगों का स्वागत और सम्मान किया। अंत में डीएस तिवारी ने अपने परिवार की तरफ से समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।


