Jaunpur News: सल्तनत बहादुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पुस्तक मेले का दूसरा दिन...
नया सवेरा नेटवर्क
बदलापुर, जौनपुर। सल्तनत बहादुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पुस्तक मेले का दूसरा दिन भी आकर्षण का केंद्र रहा, महाविद्यालय, में चल रहे चार दिवसीय पुस्तक मेले का दूसरा दिन उत्साह और उमंग से भरा रहा, मेले में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अध्यापकगण एवं संभ्रांत नागरिक और पुस्तक प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। दूसरे दिन विभिन्न प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं के स्टॉल पर नई-नई पुस्तकें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतियोगी परीक्षाओं, साहित्य, विज्ञान, इतिहास, धर्म एवं तकनीकी विषयों पर आधारित पुस्तकों की छात्रों ने जमकर खरीदारी की।
पुस्तक मेले के दूसरे दिन महाविद्यालय के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि “पुस्तकें मानव जीवन का दर्पण होती हैं। यह मेला छात्रों में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देगा और उन्हें ज्ञान की नई दिशाएँ प्रदान करेगा।”
महाविद्यालय के प्रबंधक श्याम सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “आज के डिजिटल युग में भी पुस्तक का महत्व कम नहीं हुआ है। विद्यार्थी यदि नियमित रूप से पुस्तकालय और ऐसे मेलों का उपयोग करें तो निश्चित ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।”
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ सुनील प्रताप सिंह ने बताया कि पुस्तक मेला न केवल ज्ञानवर्धन का साधन है, बल्कि यह विद्यार्थियों में अध्ययन की अभिरुचि भी बढ़ाता है। छात्र-छात्राओं ने इसे उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
पुस्तक मेले के दूसरे दिन संबोधित करते हुए भाजपा नेता मिथिलेश सिंह ने कहा कि “आज के दौर में पुस्तकों का महत्व और भी बढ़ गया है। डिजिटल साधनों के बावजूद पुस्तकें ही हमें गहराई से सोचने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। विद्यार्थी यदि पुस्तकों से मित्रता करें तो निश्चित ही उनके व्यक्तित्व और भविष्य का विकास होगा। पुस्तकें हमारी सबसे सच्ची मित्र होती हैं। इनसे मिलने वाला ज्ञान जीवन भर साथ रहता है। छात्र-छात्राओं को किताबों से जुड़कर अपनी कल्पनाशक्ति और सोच को नई ऊँचाइयों तक ले जाना चाहिए।”
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वहीं पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ कुलदीप शुक्ला ने कहा कि “पुस्तकालय ज्ञान का महासागर है। छात्र-छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम की ही नहीं बल्कि सामान्य ज्ञान, साहित्य और विज्ञान की पुस्तकों को भी पढ़ना चाहिए। यह मेला इसी उद्देश्य की पूर्ति करता है।”
दूसरे दिन पुस्तक मेले में उमड़ी भीड़ से स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी में पुस्तक पढ़ने की अभिरुचि अब भी जीवित है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. अखंड प्रताप सिंह, डॉ धीरेन्द्र कुमार पटेल ,डॉ. ओम प्रकाश दुबे, डॉ बृजेश मिश्रा, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ रोहित सिंह, डॉ कर्मचंद यादव, डॉ अभिषेक गौरव, डॉ सुनील मिश्रा, डॉ. तिलक सिंह यादव, डॉ तमन्ना नाज, डॉ. सौरभ सिंह परिहार, डॉ. जोरावर सिंह, डा. महेंद्र सिंह, डॉ. अशेष उपाध्याय, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, डॉ. गौरवेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. अतुल तिवारी, डा. पूनम श्रीवास्तव, डा. रेखा मिश्रा, डा. रागिनी सिंह, डा. अपर्णा सिंह, डा. किरन यादव, डा. अर्चना सिंह, डॉ. शशि कला सिंह, डॉ.शशिबाला सिंह, डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव, डा. राकेश प्रताप सिंह, डा.अमित शाहू, डा.अखिलेश सिंह, डा.सुजीत सिंह, डॉ. नीतू सिंह , डॉ. उमेश सिंह, मुमताज अंसारी, ऋतुपर्ण सिंह, राजुल सिंह, राघवेंद्र सिंह, स्मृति सिंह, प्रियंका मौर्या, प्रशांत सिंह , शुभम सिंह, कुशल सिंह सहित महाविद्यालय कर्मचारी गण बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे


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