BREAKING

Bareilly News: भीमराव अंबेडकर केंद्रीय से प्रो. प्रीती सक्सेना का राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला की कुलपति तक का सफर

Bareilly News Prof. Preeti Saxena's journey from Bhimrao Ambedkar Central to Vice Chancellor of National Law University, Shimla

प्रो. प्रीती सक्सेना के मार्गदर्शन में 20 छात्रों को पीएच.डी. और लगभग 170 छात्रों को एलएल.एम. में लघु शोध उपाधि प्रदान की गई

निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा 

बरेली। बरेली में 1965 में जन्मी विधि विद्वान प्रो. प्रीती सक्सेना आजकल हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला की कुलपति हैं। प्रो प्रीती सक्सेना एकमात्र ऐसी विधि प्राध्यापक हैं जिन्हें 2019 में उच्च शिक्षा में अकादमिक नेतृत्व कार्यक्रम (लीडरशिप इन अकादमिक प्रोग्राम) हेतु चयनित किया गया था जिसमें अमेरिका के वर्जीनिया विश्वविद्यालय का दौरा भी शामिल था। प्रो प्रीति सक्सेना के मार्गदर्शन में 20 छात्रों को पीएच.डी. और लगभग 170 छात्रों को एलएल.एम. में लघु शोध उपाधि प्रदान की गई है। प्रो प्रीती सक्सेना शिक्षण में अपने स्पष्ट अभिव्यक्ति और गहन ज्ञान के लिए प्रसिद्ध हैं। प्रो. प्रीती सक्सेना का जन्म 1965 में बजरिया पूरन मल, बरेली में पुलिस कार्यालय में सर्विस में रहे गिरीश चंद्र सक्सेना पुष्पा सक्सेना के यहां हुआ था। प्रो प्रीति सक्सेना ने एलएल.एम. (स्वर्ण पदक), नेट और विधि में पी.एच. डी. की उपाधि प्राप्त की है। अब तक 34 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने लेखक, शोधकर्ता, शिक्षिका और प्रशासक के रूप में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो प्रीती सक्सेना अत्यंत प्रेरित, ईमानदार, मेहनती और निष्ठावान व्यक्तित्व की धनी हैं और शैक्षणिक तथा प्रशासनिक दोनों भूमिकाओं के लिए उपयुक्त हैं।

Bareilly News Prof. Preeti Saxena's journey from Bhimrao Ambedkar Central to Vice Chancellor of National Law University, Shimla

 कुलपति बनने से पहले प्रो प्रीती सक्सेना जुलाई 2005 से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ में मानवाधिकार विभागाध्यक्ष और विधि अध्ययन संकाय की  संकायध्यक्ष रही थी। साथ ही, उन्होंने परास्नातक विधि अध्ययन केंद्र की निदेशक के रूप में भी कार्य किया। प्रो प्रीती सक्सेना का शिक्षण कार्य कुमायूं विश्व विद्यालय नैनीताल से प्रारंभ किया। उसके बाद अप्रैल 1993 से जून 2005 तक रुहेलखंड विश्व विद्यालय, बरेली में भी विधि विभाग में अध्यापन का कार्य किया। 

प्रो. प्रीती सक्सेना को अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें एल एल.एम. में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और शैक्षणिक करियर के दौरान कई छात्रवृत्तियाँ शामिल हैं। 2002 में उन्हें भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत "नेहरू युवा केंद्र" से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। वह एकमात्र विधि प्राध्यापक हैं जिन्हें 2019 में उच्च शिक्षा में अकादमिक नेतृत्व कार्यक्रम (लीडरशिप इन अकादमिक प्रोग्राम ) हेतु चयनित किया गया, जिसमें अमेरिका के वर्जीनिया विश्वविद्यालय का दौरा भी शामिल था। 2024 में उन्होंने आईआईएम रोहतक से भविष्य नेतृत्व पोषण कार्यक्रम Nurturing Future Leadership Program (NFLP) सफलतापूर्वक पूरा किया।

Bareilly News Prof. Preeti Saxena's journey from Bhimrao Ambedkar Central to Vice Chancellor of National Law University, Shimla

प्रो प्रीती सक्सेना बाल न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत लखनऊ  में विशेषज्ञ सदस्य हैं। उन्होंने विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यू जी सी) की अधिगम परिणाम आधारित पाठ्यक्रम प्रारूप समिति  लर्निंग आउटकम करिकुलम फ्रेमवर्क समिति (LOCF) में योगदान दिया। जहाँ उन्होंने भारत में मानवाधिकार विषय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तैयार करने में भूमिका निभाई। प्रो प्रीति महाराष्ट्र सरकार की "मैं अपने अधिकार तक पहुंचती हूं" (I Access my Rights) परियोजना में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर नीतिगत पत्रों में भी योगदान कर चुकी हैं।

प्रो. प्रीती सक्सेना भारतीय विधि संस्थान, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान और भारतीय सामाजिक विज्ञान एवं स्वास्थ्य संघ की आजीवन सदस्य हैं। उन्होंने कई सरकारी निकायों, राज्य आयोगों, यूपीएससी, यूजीसी, एनएएसी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में विशेषज्ञ के रूप में कार्य किया है।

प्रो प्रीती सक्सेना की विशेषज्ञता में संविधान कानून, संवैधानिक शासन, दायित्व (Torts) और मानवाधिकार शामिल हैं। उन्होंने दो पुस्तकों "निवारक निरोध एवं मानव अधिकार" (Preventive Detention and Human Rights) वर्ष 2007 और सह- लेखक के रूप में  "सूचना का अधिकार" (Right to Information) वर्ष 2013 की रचना की है, तथा चार पुस्तकों का संपादन किया है। उनके 90 से अधिक शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय कहा- अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, सेमिनारों और संगोष्ठियों का आयोजन भी किया है। उनके मार्गदर्शन में 20 छात्रों को पीएच.डी. और लगभगग 170 छात्रों को एलएल.एम. में लघु शोध उपाधि प्रदान की गई है । प्रो प्रीती शिक्षण में अपने स्पष्ट अभिव्यक्ति और गहन ज्ञान के लिए प्रसिद्ध हैं।

यह भी पढ़ें | Bhayandar News: मीरा रोड के दो स्थानों पर रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन

प्रो. प्रीती सक्सेना ने बफ़ेलो यूनिवर्सिटी (अमेरिका), यूनिवर्सिटी ऑफ़ ज़ुलु लैंड साउथ अफ्रीका, रॉयल होलोवे यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन, (यूनाइटेड किंगडम) लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी (रूस), यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स सिडनी, ऑस्ट्रेलिया,  नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलंबो और यूनिवर्सिटी ऑफ़ श्री जयवर्धनेपुरा (श्रीलंका) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में आमंत्रित वक्ता रही हैं। उन्होंने 350 से अधिक मुख्य भाषण, उद्घाटन और समापन भाषण, अतिथि व्याख्यान दिए हैं। 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, द्विराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सम्मेलनों में शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं। 

प्रो प्रीती सक्सेना सामाजिक दायित्व और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं। उन्होंने बीबीए विश्वविद्यालय के स्टाफ क्लब की अध्यक्षता की और राज्य स्तरीय खेलों में भाग लिया। उनकी गतिविधियों में वयस्क शिक्षा, वाद- विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाली पहल शामिल हैं। प्रो प्रीती सक्सेना विधिक सहायता और मार्गदर्शन के लिए मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करती हैं। उनका यूट्यूब चैनल विधि शिक्षा के लिए छात्रों में लोकप्रिय है। वे सामाजिक दायित्व और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं। उन्होंने बीबीए विश्वविद्यालय के स्टाफ क्लब की अध्यक्ष रहीं हैं। उन्होंने राज्य स्तरीय खेलों में भाग लिया। 

प्रो. प्रीती सक्सेना का पारिवारिक जीवन भी अत्यंत सफल रहा है। वर्ष 1994 में उनका विवाह प्रो. शिवदत्त शर्मा के साथ हुआ। प्रो. शिव दत्त शर्मा कुमाऊं विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में विधि विभाग के विभाग अध्यक्ष एवं संकाय अध्यक्ष रहे। उनके द्वारा लिखित विभिन्न शोध पत्र देश- विदेश में प्रकाशित हुए हैं। प्रो. शिव दत्त शर्मा द्वारा विधि विषय में विभिन्न पुस्तकों का लेखन किया है, जो भारत सरकार विधि मंत्रालय के विधायी विभाग द्वारा प्रकाशित एवं अन्य उच्चस्तरीय प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित की गई हैं। प्रो. शिवदत्त शर्मा को विधि के क्षेत्र में शोध कार्य हेतु तद् समय भारत के राष्ट्रपति  प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रथम राजर्षि टंडन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में प्रो. शिव दत्त शर्मा विभिन्न शासकीय एवं  विश्वविद्यालय समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। प्रो. प्रीती सक्सेना एवं प्रो. शिव दत्त शर्मा के एकमात्र पुत्र शिखर भारद्वाज बचपन से ही होनहार रहे हैं। अपनी शिक्षा के दौरान विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित भी हुए हैं। वर्तमान में कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी, (सी.एम.यू.) पिट्सबर्ग अमेरिका से कृत्रिम बुद्धिमत्ता में शोध कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व उन्होंने अपनी स्नातक शिक्षा बिट्स पिलानी एवं एम. टैक. आई आई एस सी बैंगलोर से की। शिखर भारद्वाज गूगल रिसर्च में रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। प्रो. प्रीती सक्सेना जो मूलतः बरेली निवासी है, अत्यंत प्रेरित, ईमानदार, मेहनती और निष्ठावान व्यक्तित्व की धनी हैं, और शैक्षणिक तथा प्रशासनिक दोनों भूमिकाओं को बखूबी निभा रही हैं।

*जौनपुर टाईल्स एण्ड सेनेट्री | लाइन बाजार थाने के बगल में जौनपुर | सम्पर्क करें - प्रो. अनुज विक्रम सिंह, मो. 9670770770*
विज्ञापन

प्रवेश प्रारम्भ-सत्र 2025-26 | निर्मला देवी फार्मेसी कॉलेज (AICTE, UPBTE, AKTU & PCI Approved) | Mob:- 9125018998, 9415234998 | नयनसन्ड, गौराबादशाहपुर, जौनपुर, उ0प्र0 | कोर्स - B. Pharma (Allopath), D. Pharma (Allopath) | द्विवर्षीय पाठ्यक्रम योग्यता, योग्यता - इण्टर (बायो/मैथ) And प्रवेश प्रारम्भ-सत्र 2025-26 | निर्मला देवी पॉलिटेक्निक कॉलेज | नयनसन्ड, गौराबादशाहपुर, जौनपुर, उप्र | ● इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | ● इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | ● सिविल इंजीनियरिंग | ● मैकेनिकल इंजीनियरिंग ऑटो मोबाइल | ● मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोडक्शन | ITI अथवा 12 पास विद्यार्थी सीधे | द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्राप्त करें। मो. 842397192, 9839449646 | छात्राओं की फीस रु. 20,000 प्रतिवर्ष | #NayaSaveraNetwork
विज्ञापन


नया सबेरा का चैनल JOIN करें