Jaunpur News: विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर करंजाकला में 40 फार्मासिस्ट किये गये सम्मानित
फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं: मुख्य अतिथि
विरेन्द्र यादव
करंजाकला, जौनपुर। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर करंजाकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) परिसर में भव्य सम्मान समारोह हुआ जहां जनपद के विभिन्न ग्रामीण पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज से आए लगभग 40 फार्मासिस्टों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील यादव मम्मन और विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.के. जायसवाल (एसीएमओ) ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस दौरान उपस्थित अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्री यादव ने कहा कि “स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। गांव-गांव और कस्बों में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर गंभीर मरीजों को उचित दवा व मार्गदर्शन देने तक फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। आज का यह सम्मान उनके निस्वार्थ परिश्रम का सम्मान है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.के. जायसवाल ने कहा कि “फार्मासिस्ट केवल दवा प्रदायक ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य जागरूकता और उपचार का अहम हिस्सा हैं। कोविड महामारी के दौरान फार्मासिस्टों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, वह अविस्मरणीय है।”
सम्मानित फार्मासिस्ट
सम्मानित होने वाले फार्मासिस्टों में सत्य लाल यादव, मनोज तिवारी, गुलाबचंद यादव, अरविंद सिंह, विनय सिंह, संतोष सिंह, संजय कुमार, संतोष सोनी, रामशब्द यादव, अशोक यादव, आशीष मौर्य, संदीप मौर्य, अभिषेक जायसवाल, पंकज कुमार, दिव्यांशु, अतुल शर्मा, शुभांशु यादव, उमाशंकर यादव आदि प्रमुख हैं।
कार्यक्रम संचालन और आयोजन समिति
समारोह का संचालन पूर्व अध्यक्ष विष्णु सहाय ने किया। इस दौरान संस्थापक अध्यक्ष शशांक सिंह, अध्यक्ष अतुल सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप सिंह, संजय गुप्ता, शरद टंडन, अभिषेक कुमार, कोषाध्यक्ष सुनील कनौजिया, सचिव अजीत सोनकर सहित बड़ी संख्या में लायंस क्लब के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक कौशल त्रिपाठी एवं अध्यक्ष अतुल सिंह ने सभी अतिथियों, फार्मासिस्टों और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया।
मंच से उठे भावनात्मक स्वर
कई फार्मासिस्टों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुये कहा कि ग्रामीण स्तर पर दवा वितरण, मरीजों को परामर्श देना और आपातकालीन परिस्थितियों में सही दवा उपलब्ध कराना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन मरीज की मुस्कान ही उनका सबसे बड़ा पुरस्कार है। समारोह में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से फार्मासिस्टों का स्वागत किया। पूरा माहौल उत्साह और गौरव से भरा रहा। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि चिकित्सकों की तरह ही फार्मासिस्ट भी स्वास्थ्य सेवाओं के आधार स्तम्भ हैं।

