Jaunpur News: मैं सबकी जानी पहचानी, मैं भारत की हिंदी हूं...
तिलकधारी स्नाकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर हुए विविध कार्यक्रम
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। तिलकधारी स्नाकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी-विभाग की अध्यक्ष प्रो. सुषमा ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. राम आसरे सिंह ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम स्नातक, स्नाकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। वैष्णवी सिंह ने अपनी स्वरचित काव्य पंक्तियों को पढ़कर सबका मन मोह लिया- 'मैं सबकी जानी पहचानी, मैं भारत की हिंदी हूं', बाल विकास ने अपनी स्वरचित रचना 'भारत मां का वर्ण है हिंदी', पढ़कर हिंदी के प्रति अपनी भावना को व्यक्त किया। कार्यक्रम में अनुपमा चौहान तथा शोध छात्रा पूजा, कामना एवं अंकिता ने 'हिंदी भाषा में ही भारत की पहचान एवं उसकी शक्ति समाहित है' लेख वाचन किया।
डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने हिंदी के बढ़ते प्रभाव एवं उसकी मधुरता तथा उसकी सभी क्षेत्रों में बढ़ते महत्व से उनके सामर्थ्य का परिचय व्यक्त होता है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. राजदेव दुबे ने व्याख्यान देते हुए कहा कि देश की सर्वोच्च सेवा अपनी मातृभाषा का सम्मान करके ही किया जा सकता है। प्रो. पुष्पा सिंह ने हिंदी एक भाषा नहीं अपितु एक जुनून है जिससे राष्ट्र प्रतिक्षण जीवन्त होता है। एसो. प्रो. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने हिंदी आज वैश्विक स्तर पर हर क्षेत्र में पूरी संभावनाओं के साथ अपनी महत्ता स्थापित कर रही है, कहकर हिंदी के विश्व व्यापी स्वरूप पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. रामआसरे सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी दिवस सिर्फ हिंदी दिवस को ही नहीं अपितु प्रशिक्षण मातृभाषा के रूप में अंगीकार एवं अभिव्यक्त करते रहना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रो. सुषमा सिंह ने हिंदी भाषा के वर्णों के उच्चारण की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी भारत ही नहीं विश्व में लोकप्रियता के नित नये आयाम स्थापित करती दिखाई दे रही है। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
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