#Poetry: जो गुज़र गया वो न बात कर | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
जो गुज़र गया वो न बात कर
जो गुज़र गया वो न बात कर
नये रास्तों की तलाश कर।
नये ख्वाब हों नई मंजिलें,
नये सोच की नई बात कर।
रहे ध्यान तुम्हारा लक्ष्य पर,
तू इधर-उधर की न बात कर।
वो दिखायेंगे तुमको अंधेरी रात,
तू सुबह की रोशनी तलाश कर।
तेरे साथ खुदा है हमसफ़र
किसी और की तू ना बात कर।
कवि: संतोष कुमार झा, नई दिल्ली।