#BareillyNews: अमरनाथ में लगभग 5.10 लाख से अधिक भोले भक्तो के दर्शन से पिछला रिकार्ड टूटा! | #NayaSaveraNetwork
- रक्षाबंधन पर गुफा में छड़ी मुबारक की पूजा के बाद यात्रा को दिया अगले वर्ष 2025 तक विश्राम
- 29 जून से शुरू यात्रा के बाद 16 अगस्त 24 तक लगभग 5.10 लाख से अधिक भोले भक्तो ने किए दर्शन
- वेस कैंप से पंचतरणी तक आगामी वर्षों में जा पाएंगे वाहन ?: निर्भय सक्सेना
नया सवेरा नेटवर्क
बरेली। इस बार अमरनाथ में 19 अगस्त 2024 रक्षाबंधन पर गुफा में छड़ी मुबारक की भद्राकाल समाप्ति के बाद हुई पूजा के उपरांत यात्रा को अगले वर्ष 2025 तक के लिए विश्राम दिया गया। इस बार 29 जून 2024 से शुरू पवित्र गुफा की यात्रा के बाद 16 अगस्त 2024 तक लगभग 5.10 लाख से अधिक भोले भक्तो ने किए दर्शन किए। पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा के संरक्षक स्वामी दीपेंद्र गिरि के अनुसार श्रावण पूर्णिमा पर छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ जी 'अमर गंगा' में पूजन करने के बाद रक्षाबंधन के दिन सुबह 11 बजे पवित्र गुफा पहुंची और भद्राकाल समाप्त होने के बाद दोपहर पूजन शुरू किया गया जो शाम तक चली। बाबा बर्फानी की जय, बोल बम के उदघोष के साथ अगले वर्ष तक के लिए यात्रा स्थगित हो गई।
मीडिया के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष 2024 में 5 लाख 10 हजार से अधिक भोले भक्तो ने अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 29 जून 2024 को झंडी दिखाकर अमरनाथ यात्रा की शुरुआत कराई थी। अब यह यात्रा निर्धारित समय 19 अगस्त 2024 से पूर्व ही इस बार खराब मौसम के चलते चार दिन पूर्व रोक दी गई थी। बाबा बर्फानी की गुफा में आज भी वर्ष 2012 में सर्वाधिक 6 लाख 35 हजार भक्तो के बाबा बर्फानी की गुफा में दर्शन का रिकाॅर्ड अभी भी कायम है।
वर्ष 2008 में 5 लाख 33 हजार भक्त पवित्र गुफा में दर्शन को आए थे। वर्ष 2012 में सर्वाधिक 6 लाख 35 हजार भक्तो ने बाबा बर्फानी की गुफा में दर्शन का रिकाॅर्ड बनाया था। वर्ष 2011 में 6 लाख 21 हजार भक्तो ने बाबा अमरनाथ यात्रा की। वर्ष 2004 में चार लाख, 2005 में 3 लाख 88 हजार, 2006 में 3 लाख 47 हजार, 2007 में 2 लाख 96 हजार, 2009 में 3 लाख 81 हजार, 2010 में 4 लाख 55 हजार, 2013 में 3 लाख 54 हजार, 2014 में 3 लाख 72 हजार, 2015 में 3 लाख 52 हजार, 2016 में 2 लाख 21 हजार, 2017 में 2 लाख 60 हजार, 2018 में 2 लाख 85 हजार, 2019 में 3 लाख 43 हजार, 2020 में 3 लाख 4 हजार और 2023 में 4 लाख 50 हजार भोलेभक्तो ने पवित्र गुफा में आकर दर्शन लाभ पाया।
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में 3880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के बाद दर्शन लाभ की भक्तो में ऐसी होड रहती है कि हर कोई बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहता है। इस बार 29 जून 2024 को राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखा कर अमरनाथ यात्रा की सैनिक सुरक्षा के साथ शुरुआत कराई थी। मेरा भी सौभाग्य रहा की मुझे अपने कुछ मीडिया साथियों के साथ यात्रा के पांचवे दिन 3 जुलाई 2024 को लगातार तीसरे वर्ष भी बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिला। इस बार बाबा बर्फानी शुरू के प्रथम सप्ताह में ही अंतर्ध्यान की दिशा में बढ़ गए थे। बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने पर भी भक्तो का जोश कम नहीं हुआ था। बॉर्डर रोड ओर्गनाईजेशन ने इस बार मशीनों से पत्थर की कटाई कर सड़को की चौड़ाई भी काफी बढ़ा दी है। लोहे की रेलिंग भी लगाकर भक्तो की सुरक्षा के काफी प्रयास किए गए हैं। इसी के चलते इस वर्ष यात्रा के मार्ग चौड़े होने से मार्ग में उड़ती धूल एवम गर्म मौसम से यात्री परेशान रहे। बाद में वर्षा से यात्रा बीच में भी रुक रुक कर चलती रही थी। बाद के दिनों में वर्षा होने से धूल भी कम हुई थी। अगले वर्षो में अमर नाथ में पवित्र गुफा तक रोप वे की भी सरकार की योजना है । बालटाल से पंचतरणी तक आगामी वषों में वाहन चलाने की भी योजना है ।
इस बार जम्मू से बालटाल यात्रा में श्यामा प्रसाद मुकर्जी टनल भी चालू मिली। बालटाल मार्ग पर कुल चार टनल पार की। जम्मू से काजी गुण्डम तक ट्रेन मार्ग भी पूरा होना बताया गया। 52 दिन की अमरनाथ यात्रा 29 जून 2024 से प्रारंभ हुई जो रक्षाबंधन 19 अगस्त तक छड़ी मुबारक पूजा के बाद अब स्थिगत हो गई ।29 जून 2024 से अमरनाथ यात्रा में भक्त बोल बम का उदघोष भरते रहे। भोले भक्त आगे बढ़े और अपने बर्फानी बाबा के दर्शन पाकर अपने को सौभाग्यशाली माना। बीते दिनों अमर नाथ तीर्थ यात्रा से पूर्व जम्मू में शिवखोड़ी में बस पर आतंकी घटना के बाद काफी सख्ती थी। इस बार भी 1.80 लाख से अधिक सेना एवम अर्ध सैनिक तैनात किए गए थे। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। पूरे रास्ते में भोले के भक्तो के लिए 125 लंगर सेवा की व्यवस्था रही।
तीर्थ यात्रा के दौरान जम्मू से आतंकी हमलों से बचाव को 80 हजार से अधिक सेना एवम अर्ध सैनिक इस बार तैनात किए गए थे। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। जम्मू कश्मीर पुलिस भी व्यवस्था को लगाई है। जम्मू के भगवती नगर एवम रेलवे स्टेशन के बाहर बने बेस कैंप में भोले भक्तों को पत्रक की जांच के बाद उन्हें आगे की यात्रा औपचारिकताएं पूरी करने को अमरनाथ श्राइन बोर्ड के कर्मी उन्हें टोकन दे रहे थे। यही कारण है की केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का जमीन से आसमान तक का फूल प्रूफ घेरा तैयार करवा दिया है।
अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा की देखरेख में जम्मू में बना कंट्रोल कमांड सेंटर भी अमरनाथ तीर्थ यात्रा पर केमरो से नजर रख रहा है। जारी टोकन से हर भक्त की ट्रैकिंग अब आसान है । जगह जगह लगे होर्डिंग बैनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवम राज्यपाल मनोज सिन्हा के फोटो के साथ अमरनाथ के भक्तो का स्वागत है। श्राइन बोर्ड ने इस बार बालटाल से डोमेल तक बैटरी चालित रिक्शा भी चलाई हैं। यही नहीं वर्ग विशेष के घोड़े वाले, पालकी वाले और पिट्ठू अमरनाथ यात्रियों को मनमाने रेट मांग कर परेशान नहीं करें। इसके लिए घोड़े वालों, पालकी वालो के लिए उनके बने कार्ड पर पूर्व बुकिंग अनिवार्य की गई है। वालटाल या डोमेल से पवित्र गुफा के पास तक एवम उसी मार्ग से वापसी 4450 रुपए में आप घोड़े से कर सकते हैं। इसी तरह पालकी के रेट भी तय हैं। पर अभी भी घोड़े वालो का चक्रव्यूह भेदना सरकार के लिए आसान नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें स्थानीय पुलिस का भी पूरा संरक्षण मिलने से पर्ची कटने के बाद भी वह यात्रियों को पवित्र गुफा से दूर ही छोड़ रहे हैं। और वहां पूर्व से खड़े पालकी = घोड़े वाले और अधिक पैसे की मांग करते हैं।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ की यात्रा 2024 अपने दोनों आधार शिविरों मध्य कश्मीर के जिला गांदरबल में बालटाल मार्ग (14 किलोमीटर) एवम दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में नुनवान - पहलगाम के पंथ चौक ( 46 किलोमीटर ) मार्ग के बेस कैम्प से शुरू हुई थी । जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ की बाबा बर्फानी दर्शन यात्रा को लेकर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, इंडो तिब्बत बॉर्डर फोर्स, आदि अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियों में शामिल लगभग 1.80 लाख से अधिक जवान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात रहे। सभी अर्धसैनिक कंपनियां भोले के भक्तो की सुरक्षित यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश में पहुंची थी, जिनको यात्रा से पूर्व ही तैनात भी कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अर्द्धसैनिक जवान यात्रियों की सुरक्षा में रहें। वर्तमान में भारत में नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैनिक अधिकारियो के साथ पूर्व में ही बैठक कर ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। कि जगह जगह पर अब सैनिकों की तैनाती से सीमापर की आतंकी साजिशें सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं कर पाए।
अमरनाथ की पवित्र गुफा, जो 3880 मीटर की ऊंचाई पर है, में प्रकट होते हैं। लाखों भक्त हर साल जून जुलाई के सावन माह में दक्षिण कश्मीर में पहलगाम के पंथा चौक (46 किलोमीटर ) एवम उत्तर में बालटाल मार्ग से (14 किलोमीटर ) के वेस कैंप से श्री अमरनाथ तीर्थ के लिए जटिल पहाड़ों के माध्यम से भोलेनाथ के दर्शन करने इस पवित्र गुफा तक आते हैं। यहां भक्तो की देखभाल का प्रबंधन श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एस ए एस बी) द्वारा किया जाता है। भक्तो के पिछले 4.50 लाख दर्शन वाला पिछला रिकार्ड भी इस बार अगस्त 2024 में ही 5.10 लाख भक्तो के दर्शन होने से टूट गया।



