#Poetry: कर करतब तब हक पर फन कर | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
क्या आपने कभी देशभक्ति की कविता डमरू छंद में पढ़ी है? या सुनी है?
(कुछ अलग हटकर हो तो आशीर्वाद तो बने है)
कर करतब तब हक पर फन कर,
पल-पल धरम-धरम अब मत कर।
मत कर कट-कट कपट न छल कर,
तन मन धन सब सपन दफन कर।
गरजन तरजन तज अब सहचर,
वतन जतन कर सकल मगन कर।
कर मत अनबन कर मत भन-भन,
वतन नमन कर,जन गण मन कर।
सुरेश मिश्र


