#BiharNews: सत्याग्रह एक्सप्रेस की यात्रा अवधि कम करने और कोच मेंटेनेंस की व्यवस्था को बेहतर बनाये जाने की मांग | #NayaSaveraNetwork
- रक्सौल से आनंदविहार मात्र 957 किमी की दूरी तय करने में 24 घण्टे से भी अधिक लगता है समय
- समस्तीपुर डिवीजन ने कोच मेंटेनेंस हेतु कंट्रोल को दिया आवश्यक निर्देश
नया सवेरा नेटवर्क
बिहार। सत्याग्रह एक्सप्रेस की यात्रा अवधि कम करने और कोच मेंटेनेंस की व्यवस्था को बेहतर बनाये जाने की मांग शिक्षाविद डॉ. स्वयंभू शलभ ने रेल मंत्रालय (रेल बोर्ड) से की है। इस बाबत समस्तीपुर डिवीजन द्वारा कोच मेंटेनेंस हेतु सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर व कंट्रोल को आवश्यक निर्देश जारी किया गया है। उक्त जानकारी रेलवे सेवा ने ट्वीट के जरिये दी है।
डॉ. शलभ ने बताया है कि रक्सौल जं. और आनंदविहार टर्मिनल के बीच चलनेवाली 15273/74 सत्याग्रह एक्सप्रेस मात्र 957 किमी दूरी तय करने में 24 घण्टे से अधिक समय लेती है। यह ट्रेन रक्सौल जं. से 8.40 बजे निकलकर दूसरे दिन सुबह 9.10 बजे आनंदविहार टर्मिनल पहुंचती है। वहीं आनंदविहार से शाम 5.30 बजे निकलकर रक्सौल जं. दूसरे दिन शाम 5.35 बजे पहुंचती है। बीच के स्टेशनों पर अक्सर ट्रेन निर्धारित समय से पहले पहुंच जाती है और वहाँ देर तक रुकने के बाद फिर अपने निर्धारित समय पर खुलती है। इससे यात्रा में अनावश्यक देरी होती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डॉ. शलभ ने रेलवे के तकनीकी विकास का जिक्र करते हुए कहा है कि हाई स्पीड के इस दौर में केवल 957 किमी की दूरी के लिए 24 घण्टे से अधिक का समय लगना अप्रत्याशित भी है और अनावश्यक भी। इस विंदु को संज्ञान में लेकर समय सारणी में यथोचित संशोधन कर ट्रेन की यात्रा अवधि को कम करने की मांग की गई है।
आगे सत्याग्रह एक्सप्रेस के 3A कोच और टॉयलेट के मेंटेनेंस की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है। टॉयलेट और बेसिन के खराब पड़े नलों को दुरुस्त करने और कोच समेत टॉयलेट की सफाई पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई है।


