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वाराणसी: भाषा, संस्कृति संवेदना व संस्कार की वाहकः वांगछुक | #NayaSaveraNetwork

नया सवेरा नेटवर्क

सारनाथ। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगछुक दोर्जे नेगी ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति, संवेदना व संस्कार के वाहक होती है। इसलिए हमें अपनी भाषा के प्रति आदर भाव रखना चाहिए। वह विश्व हिंदी दिवस उपलक्ष्य में गुरुवार को तिब्बती संस्थान के अतिशा सभागार में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

कुलपति ने कहा कि किसी भी देश के लिए उसकी भाषा जरूरी है। इसलिए हिंदी को राजभाषा बनाया जाना चाहिए। हिंदी से ही देश की तरक्की संभव है। लोक सेवा आयोग (एमी) के अध्यक्ष प्रो. राजेश लाल मेहरा ने कहा कि हिंदी अपने आप में ही समृद्ध है। भाषा व साहित्य का ज्ञान आने वाली पीढ़ी को देना चाहिए। सहायक अनुसंधान अधिकारी जनजातीय कार्य विभाग (इंदौर) माधुरी यादव, कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा, प्रो. रामसुधार सिंह आदि ने विचार व्यक्ति किए। संचालन अनुराग त्रिपाठी व धन्यवाद ज्ञापन दीपांकर त्रिपाठी ने किया। स्वागत उपकुलसचिव डॉ. हिमांशु पांडेय ने किया।

*उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जौनपुर के जिला उपाध्यक्ष राजेश सिंह की तरफ से नव वर्ष एवं मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं| Naya Sabera Network*
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*उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जौनपुर के उपाध्यक्ष संतोष सिंह बघेल की तरफ से नव वर्ष एवं मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं | Naya Sabera Network*
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*प्राथमिक शिक्षक संघ डाेभी जौनपुर के अध्यक्ष आलोक सिंह रघुवंशी की तरफ से नव वर्ष एवं मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं | Naya Sabera Network*
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