शारदीय नवरात्र: शीतला चौकियां धाम में हजारों भक्तों ने मत्था टेका | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
- चंद्रघंटा स्वरूपा देवी मां व काल भैरव नाथ का दर्शन कर भक्त हुए निहाल
बिपिन सैनी
जौनपुर। शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन शीतला चौकिया धाम में माँ के चंद्रघंटा स्वरूप के दर्शन को भक्त दिनभर डटे रहे। उधर भोर साढ़े चार बजे माँ की आरती प्रारंभ हुई। इधर भक्तों कतार लगाकर माँ के दर्शन के लिये आरती समाप्त होने का इंतजार करते रहे। आरती हो जाने के बाद जैसे ही मंदिर पुजारी शिव कुमार पंडा व जय नारायण पंडा ने मुख्य कपाट खोला।दर्शन पूजन के लिये भक्तो का हुजूम उमड़ पड़ा।
आचार्यों ने बताया कि चंद्रघंटा माँ के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र स्थित है। इसलिये इन्हें चंद्रघंटा नाम से जाना जाता है। इन्हें सौभाग्य कि देवी कहा जाता है। माँ के इस स्वरूप कि विधि पूर्वक पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होने के साथ सौभाग्य कि प्राप्ति होती है।चौकिया धाम में दिनभर घंट, घड़ियाल की ध्वनि गुञ्जायमान होती रही।
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महिलाओ ने कडाहि कर माँ को हलवा, पूड़ी, नारियल, चुनरी, का चढ़ावा चढ़ाया। तत्पश्चात भक्तगण तालाब किनारे स्थित काल भैरव का दर्शन पूजन किये। मान्यता है की शक्तिपीठ देवी मां का दर्शन करने के बाद काल भैरव का दर्शन करने से आराधना सम्पूर्ण मानी जाती है। नवरात्रि में मंगलवार का दिन होने के नाते दिनभर नौनिहालों का मुंडन तथा जनेऊ संस्कार होता रहा।सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस पीएसी बल तैनात रही।
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