जौनपुर: जयंती पर याद किये गये साहित्यकार स्वामीनाथ | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
डोभी जौनपुर। हिंदी साहित्य को अपनी लेखनी से समृद्ध करने वाले जनपद के स्मृतिशेष कवि एवं साहित्यकार स्वामीनाथ पाण्डेय को उनकी 93वीं जयंती पर याद किया गया। उनके पैतृक आवास डोभी के हरिहरपुर में स्थित साहित्य साकेत सेवा संस्थान पर बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया। रेलवे बोर्ड के राजभाषा अधिकारी लक्ष्मण शिवहरे ने कहा कि स्वामीनाथ पाण्डेय के लेखन की एक विशिष्ट यात्रा के साथ उनके जीवन का एक सहज सफरनामा भी हिंदी साहित्य के प्रति उनके उत्कट अनुराग को दशर््ााता है। साहित्यिक दलबंदीयों और शिविरों से मुक्त रहकर प्रचार और आत्मज्ञापन से दूर श्री पाण्डेय वीणा वादिनि के साधक थे। डॉ. चार्ल्स विजेडियन डेविड ने कहा कि गोमती, प्राची, अंतराल, मधुबेला, भटके वि·ाासों के स्वर,वि·ाविकंपन (खंडकाव्य) आपकी रचना है तो रणरंगीनी सम्पादित ग्रंथ है। इनका साहित्य जगत में विशेष स्थान है। 19 अगस्त 1930 को जनपद की माटी में पैदा हुआ साहित्य का पहरु आ 27 अक्टूबर 2017 को स्मृतिशेष हो गया। किंतु उनका लेखन आने वाली पीढि़यों को भी प्रेरणा देता रहेगा। इस अवसर पर परिवारी जनों के साथ संस्था के सदस्यों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया। साहित्य साकेत संस्था के प्रबंध निदेशक वारीन्द्र पाण्डेय ने सबका आभार व्यक्त किया।

