जौनपुर: इराक कर्बला में चेहलुम मनाने के लिए जत्था हुआ रवाना | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
7 सितंबर को कर्बला में करोड़ों लोग शामिल होगें इमाम के चेहलुम में
जौनपुर। कर्बला में हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों का चेहलुम 7 सितंबर को पूरी दुनिया में मनाया जायेगा। ऐसे में देश के विभिन्न जिलों से अजादारों का इराक स्थित कर्बला जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को नगर के बलुआघाट, सिपाह, पानदरीबा, पुरानी बाजार से दर्जनों लोगों का काफिला रवाना हुआ। इसी कड़ी में बलुआघाट शाही किले के पास से अंजुमन हुसैनिया के नौहाखां नवाज हसन, मकबूल मंजिल से कुमैल मेंहदी, बलुआघाट से सैयद मेंहदी अब्बास संजू, मीसम हैदर व सिपाह से सादिक रिज़वी रवाना हुए। इससे पूर्व मकबूल मंजिल मे मजलिस हुई जिसको मौलाना मेराज हैदर खान ने खेताब करते हुए कहा कि इराक कर्बला में पूरी दुनिया से पांच करोड़ से ज्यादा लोग हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों का चेहलुम मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं जिसमें शामिल होने के लिए हिन्दुस्तान से भी हजारों लोगों का काफिला रवाना होना शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि वो बहुत खुशनसीब है जिन्हें कर्बला इमाम हुसैन के रौजे की ज्यारत करने का शरफ मिलता है। साथ ही नजफ में मौला अली के रौजे की जियारत करने के लिए भी लोग पहुंचते हैं। गौरतलब है कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों को मुहर्रम की दस तारीख को यजीदी हुकूमत ने तीन दिन का भूखा प्यास शहीद कर उनके परिजनों को कैदी बनाकर कर्बला से कूफा, कू फा से मदीना ले जाया गया था जिसका मसायब सुनने के बाद दहाड़े मारकर रोने लगते हैं। सोचिए जब वोह लोग उन स्थानों पर पहुंचते होगें तो उनके दिलों पर क्या गुजरती होगी। मजलिस के बाद शहजादे ने अपने दर्दभर नौहे पढ़कर माहौल को गमगीन कर दिया। बाद में काफिले को शाही किले से रवाना किया गया जिसमें सैयद बाकर हुसैन, शादा हसन, तकी हैदर, अकी हैदर, शावेज, तकी हैदर काजू, महताब हुसैन, नेहाल हैदर, शाहिद मेंहदी, माजिद हसन, मीजम हसन, सैयद अफरोज कमर, रहबर अब्बास, मालिक मेंहदी, एजाज हुसैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


