जौनपुर: प्रतिबन्धित हरे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर मंडराया खतरा | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
लकड़हारों द्वारा काट कर ढहाए जा रहे हरे पेड़,जिम्मेदार मौन
सुजानगंज जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र में धुंआ धार हो रहे हरे भरे प्रतिबन्धित फलदार पेड़ों की कटाई से जहां पर्यावरण पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं वहीं प्रदेश सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से चलाए गए वृक्षारोपण अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। जबकि जिम्मेदार अधिकारी चन्द सिक्को के लिए रहस्यमय चुप्पी साध मूदहूं आंख कतहुं कोऊ नाही कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। जिसके कारण थाना क्षेत्र के कुशमौल कुंदहा बालहामऊ, भुंईधरा ,घाटमपुर, नाहरमऊ ,रायपुर, भैंसहारामपुर, दीपकपुर सहित दर्जनों गांवों में आए दिन हरे प्रतिबन्धित फलदार पेड़ों की कटाई अभियान चल रहा है। जिस पर रोक लगाने की बजाय जिम्मेदार विभागीय अधिकारी एवं पुलिस मूकदर्शक बने हुए है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा जहां प्रतिवर्ष करोड़ों रु पए खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चलाकर पौधरोपण कराया जा रहा है वहीं सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों की शह पर हरे भरे फलदार पेड़ों को ढहाया जा रहा है। जिस पर समय रहते रोक नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में पर्यावरण संतुलन के बिगड़ने की संभावना बढ़ सकती हैं। सूत्रों की मानें तो थाना क्षेत्र में रोजाना लगभग 10 से 15 ट्रैक्टर ट्रालियों पर लकड़ी लाद कर ले जाते हुए देखा जा सकता है। जिसे न तो वन विभाग देख रहा है और न ही क्षेत्रीय पुलिस। पर्यावरण प्रेमियों की मानें तो जिस तरह थाना क्षेत्र में हरे फलदार एवं प्रतिबंधित पेड़ों को ढहाया जा रहा है उससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है। लोगों ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कर हरे फलदार पेड़ों पर ढहाए जा रहे शामत पर रोक लगाने के लिए त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है।
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