आदत है शासकीय कर्मचारी हूं | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
आदत है शासकीय कर्मचारी हूं
दो मिनट के काम को घंटों लगाना पड़ता है
जनता को दिनोंदिन घुमाना पड़ता है
काम बिना मतलब अड़ाके बोलना पड़ता है
आदत है शासकीय कर्मचारी हूं
फाइल मेरे पास है काम हो गया है
त्रुटियां कुछ नहीं है काम ओके है
हरे मिले नहीं बोलना पड़ता है
आदत है शासकीय कर्मचारी हूं
मुझे मालूम है साहब नहीं है
काम लटकाया जाता है
जनता शिकायत करे तो बोलना पड़ता है
आदत है शासकीय कर्मचारी हूं
साहब के निर्देश का झूठ बोलना पड़ता है
हिस्सापत्ती बांटना पड़ता है
ऊपरतक सेटिंग है तो बिंदास बोलना पड़ता है
आदत है शासकीय कर्मचारी हूं
जनता को दिखाने साहब की डांट खाना पड़ता है
हरे गुलाबी चटकाना पड़ता है
जनता को घुमा घुमाकर बोलना पड़ता है
आदत है शासकीय कर्मचारी हूं
-लेखक - कर विशेषज्ञ स्तंभकार कानूनी लेखक चिंतक कवि एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

%20222180%20%20CONTACT%20US.%209415234208,%209648531617,%209839155647%20%20%23NayaSaveraNetwork.jpg)
%20%20Affiliation%20No.%202132085%20%20You%20Give%20Us%20Raw%20We%20Will%20transform%20them%20as..!%20AN%20EXPERT%20%207380691111,%20945356711.jpg)