मुंबई: ठाकरे गुट की महिला कार्यकर्ता पर हमला | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
- उद्धव ठाकरे- फडणवीस आमने-सामने
- एक दूसरे पर चलाए तीखे बाण
मुंबई। अहिंसा का संदेश देने वाले भगवान महावीर की जयंती के दिन ठाणे में उद्धव ठाकरे गुट की महिला के साथ हुई हिंसा के मामले को लेकर जमकर आरोप- प्रत्यारोप का दौर चला। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मंगलवार दोपहर को ठाणे पहुंचे और हिंसा की शिकार हुई रोशनी शिंदे का हाल-चाल लिया। इस घटना से बेहद खफा नजर आ रहे ठाकरे ने गृहमंत्री को टारगेट किया और उनका इस्तीफा मांगा। साथ ही ठाणे के पुलिस आयुक्त के तबादले की मांग की।
नागपुर में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि वे भी ठाकरे से भी निचले स्तर की भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन करेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे फ्रस्टेशन में है।
- ऐसे शुरू हुआ विवाद
दरअसल सोमवार को फेसबुक पर एक पोस्ट लिखने को लेकर शिंदे गुट की महिला कार्यकर्ता आक्रामक हो गई। तकरीबन 20 महिला शिवसैनिक ठाणे के कासरवडवली इलाके में पहुंची और ठाकरे गुट की महिला कार्यकर्ता रोशनी शिंदे से मारपीट कर दी। मारपीट में रोशनी शिंदे को चोटे आई हैं और उपचार के लिए उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ठाकरे गुट का आरोप है कि पुलिस रोशनी शिंदे को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल नहीं भेज रही थी फिर उन लोगो ने ही नजदीकी अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में है। पहले खबर आई कि रोशनी गर्भवती है, लेकिन बाद में जिस निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है, उसके डॉक्टर ने कहा कि उसे ज्यादा चोट नहीं लगी है और उसका प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आया है।
- उद्धव ने गृह मंत्री का मांगा इस्तीफा
मंगलवार दोपहर को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पत्नी रश्मी ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे के साथ रोशनी का हालचाल जानने ठाणे के अस्पताल पहुंचे और ठाणे पुलिस कमिश्नर से मिलने गए, लेकिन उस वक्त कमिश्नर दफ्तर में मौजूद नहीं थे। बाद में पत्रकारों से बातचीत में ठाकरे ने कहा कि गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की।
उद्धव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस सरकार को नपुंसक कहा है, उससे आखिर क्या अपेक्षा कर सकते हैं। ये धर्मवीर आनंद दिघे का सुसंकृत ठाणे था, लेकिन आज गुंडों का ठाणे हो गया है। यहां आजकल महिलाओं का गुंडा गैंग घूम रहा है। उन्होंने कहा कि यह जनता तय करेगी कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं या गुंडा मंत्री। महाराष्ट्र के लाचार गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
ठाकरे ने कहा कि जब रोशनी शिंदे पुलिस थाने पहुंची, तब उसकी एफआईआर नहीं ले रहे थे और अब तक कोई गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। अगर सरकार में लाज शर्म बची हो तो कमिश्नर को निलंबित करो या उनका तबादला करो।
- फडणवीस का पलटवार
वहीं नागपुर में उद्धव ठाकरे पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है, उसके नीचे की भाषा मुझे आती है, लेकिन मैं ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे फ्रस्टेशन में है, ढाई साल वो मुख्यमंत्री रहे, लेकिन घर से बाहर नहीं निकले। घर से काम किया, जनता में कभी वो गए ही नहीं।
उनके बारे में जनता जानती है, और वो ऐसे कमजोर मुख्यमंत्री रहे, जिनके दो-दो मंत्री जेल में जाने के बावजूद उनका इस्तीफा नहीं ले पाए। असल में उनको कुर्सी जाने का डर था। वझे जैसे ब्लैकमेलर को पुलिस फोर्स में लेकर उसे बचाने काम करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में महाराष्ट्र और देश की जनता ने देखा है। ऐसे व्यक्ति को मैं महत्व नहीं देता जो सत्ता के लिए विचारों को लात मारते हैं। कुर्सी के लिए विचार छोड़ देते हैं, ऐसे व्यक्ति पर मैं बोलूं यह ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं फिर से गृहमत्री हूं, मुझे गृहमंत्री बनने से बहुत लोगों पर बहुत लोगों को परेशानी हो रही है। बहुत लोग लगे हैं कि मुझे गृह मंत्री का पद छोड़ना पड़े। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में में गृह मंत्री हूं, जो जो गलत काम करेगा उसको जेल में भेजे बिना में रहूंगा नहीं। उन्होंने कहा कि जो घटना घटी है, उसकी निष्पक्ष जांच होगी। इस मामले को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए, जिसने भी गलत किया है उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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