जौनपुर: भागवत कथा दिलाती है तीनों ऋणों से मुक्ति | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
पूर्व प्रबंधक स्व. अशोक कुमार सिंह की पुण्यतिथि पर रामकथा
जौनपुर। भगवान की कथा तीनों ऋणों से मुक्ति दिलाती है। उक्त उद्गार मानस हंस डा. आरपी ओझा ने तिलकधारी महाविद्यालय के पूर्व प्रबंधक स्व. अशोक कुमार सिंह की पुण्यतिथि में ग्राम महरूपुर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित मानस कथा में व्यास पीठ से व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि देव ऋण गुरू ऋण और पितृ ऋण से मुक्ति पाने के लिये अलग अलग विधान है जो अत्यंत दुष्कर है परंतु भगवान की कथा का श्रवण करने वाला इन तीनों ऋणों से सहज ही मुक्त हो जाता है। मानस हंस ने संत तुलसीदास की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहाकि बैठी है छंदों की रानी मानस की अंगनाई में। कितने सारे भाव भरे हैं तुलसी की चौपाई में।। विद्वान वक्ता ने स्व. अशोक कुमार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहाकि मानस के प्रेमी थे। सामान्य बातचीत के दौरान वे मानस की चौपाइयों का उद्धरण दिया करते थे। इसके पूर्व अयोध्या से पधारे कथा व्यास पं. रजनीकांत ने हनुमत चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान राम ने महावीर हनुमान के माध्यम से पक्षिराज गरूड़, सुदर्शन चक्रम आदि के घमंड को चूर कराया। उन्होंने राम कहने से तर जायेंगे। पार भव से उतर जायेगा।। जैसी भक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति से श्रद्धालुओंको भाव विभोर कर दिया। उक्त अवसर पर पूर्व सांसद डा. केपी सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, लोकसेवा आयोग उ.प्र. के सदस्य डा. आरएन त्रिपाठी, डा. धर्मराज सिंह, राजबहादुर सिंह, प्रबंधक सत्यप्रकाश सिंह, श्रीप्रकाश सिंह, वंशलोचन सिंह, डा. ओमप्रकाश सिंह रघुवंशी, बिंद प्रताप सिंह एडवोकेट आदि उपस्थित रहे। आगन्तुकों के प्रति आभार ज्ञापन प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह ने किया।
![]() |
| Advt |
![]() |
| विज्ञापन |

%20Jaunpur%20%20%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%20%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%82%20%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%9C%20%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%AE%20%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%BE%20%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A4%AE%20(%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%9F%20%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%BE%20%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%20%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AE)%20%E0%A4%9C%E0%A5%8C%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%20%20%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%BE%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE%20(%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%9F%20%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A8%20%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%A1.jpg)

%20%E0%A4%AA.jpg)