Jaunpur News: ग्रामीण अंचल में पारंपरिक अंदाज में मनी होली, फाग-गवनई से गूंजे गांव
चेतन सिंह @ नया सवेरा
बरसठी, जौनपुर। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में होली का पर्व पारंपरिक उल्लास, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ सकुशल संपन्न हो गया। सुबह से ही गांवों में रंग-गुलाल और अबीर के साथ होली खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर गले मिले और होली की शुभकामनाएं दीं। युवाओं और बच्चों में त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर युवाओं ने पारंपरिक अंदाज में कीचड़ और पानी के साथ होली खेली, जिससे गांवों में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। ग्रामीण परिवेश में ढोलक की थाप, हंसी-मजाक और रंगों की बौछार से पूरा इलाका दिनभर गुलजार रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह-सुबह लोगों ने अपने पालतू पशुओं को नहलाकर उन्हें भी अबीर-गुलाल लगाया और इसके बाद होली खेलने की शुरुआत की। कई गांवों में पुरानी परंपरा के अनुसार लोग पहले अपने घरों के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने पहुंचे और फिर साथियों के साथ रंग खेलने निकले। जगह-जगह चौपालों, मंदिरों और घरों के सामने फाग-गवनई का दौर चलता रहा। ढोलक, मंजीरा और झाल की थाप पर गाए जा रहे फाग गीतों से गांव का वातावरण देर शाम तक गुंजायमान रहा। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से होली का आनंद लिया। त्योहार के मौके पर घरों में विशेष पकवान भी बनाए गए।
कई स्थानों पर लोगों ने चिकन, मटन, गुजिया, दही-बड़ा, पूड़ी-सब्जी और अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार कर और आपस मे त्योहार की खुशियां साझा कीं। ठंडई और भांग का भी लोगों ने जमकर आनंद लिया। गांवों में मेहमानों के स्वागत के लिए घर-घर विशेष तैयारी देखने को मिली। दोपहर तक लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर जाकर रंग-अबीर लगाकर शुभकामनाएं देते रहे। त्योहार के चलते अधिकांश लोग अपने गांव और घरों में ही व्यस्त रहे, जिससे मुख्य सड़कों और बाजारों में अपेक्षाकृत सन्नाटा देखने को मिला। हालांकि कुछ स्थानों पर युवाओं के समूह गीत-संगीत और टोली बनाकर गांव में घूमते रहे और लोगों को रंग लगाकर होली की बधाई देते रहे। कई गांवों में शाम तक फाग गीतों और हास्य-परिहास का सिलसिला जारी रहा, जिससे ग्रामीण अंचल में पारंपरिक संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई दी। होली के अवसर पर सोशल मीडिया पर भी लोगों का उत्साह देखने को मिला।
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युवाओं और बच्चों ने रंग-गुलाल खेलते हुए अपने फोटो और वीडियो फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर साझा किए। कई गांवों की पारंपरिक फाग-गवनई और कीचड़ वाली होली के वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल होते रहे, जिन्हें लोगों ने खूब पसंद किया। दूर रह रहे परिजनों और मित्रों को भी लोगों ने सोशल मीडिया और मोबाइल के माध्यम से होली की शुभकामनाएं भेजीं।त्योहार के बीच कुछ स्थानों पर युवाओं द्वारा भांग और शराब के सेवन की भी चर्चा रही। सामाजिक लोगों ने इसे लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहार की परंपरा आनंद, भाईचारे और आपसी सद्भाव की है, लेकिन नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि होली का पर्व मर्यादा और संयम के साथ मनाएं, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और त्योहार की पवित्रता बनी रहे।
होली पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरसठी थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव पुलिस टीमों के साथ लगातार भ्रमण करते रहे। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रही। उन्होंने बताया कि, उच्चाधिकारियों के निर्देशन में पुलिस बल गांव-गांव में गश्त करता रहा, जिससे त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछनीय घटना की सूचना नहीं मिली और क्षेत्र में होली का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया।
