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Article: सामाजिक न्याय की मिसाल: ‘इंदिरम्मा आवास योजना’

नया सवेरा नेटवर्क

सूर्योदय के साथ आहार की खोज में निकला पक्षी शाम को अपने घोंसले में लौटते ही मन को शांति मिलती है। वह अपने घोंसले को देखकर आनंदित हो उठता है और गहन सान्त्वना प्राप्त करता है। जीवन-यात्रा का आधार बनकर, उसे सुरक्षा प्रदान करने वाले घोंसले के प्रति उस पक्षी में गहरी श्रद्धा और आराधना होती है। बुद्धि-विकास से संपन्न मनुष्य के लिए घर मात्र चार दीवारें और कमरे नहीं होते। घर उसके लिए असंख्य स्मृतियों का भंडार है, अनेक मीठी यादों का संग्रह। घर आनंदों का निवास-स्थान है, भावनाओं का संगम-स्थल। सिर छिपाने, अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने, परिवार के साथ सुरक्षित जीवन व्यतीत करने के लिए आश्रय प्रदान करने वाला घर मनुष्य के लिए दूसरा प्राण-तुल्य है। यह सामाजिक पहचान का आधार और आत्म-सम्मान का प्रतीक होता है।

मानव विकास क्रम में अग्नि की खोज और चक्र की आविष्कार जितनी महत्वपूर्ण हैं, घर (स्थायी निवास) की भी उतनी ही महत्वपूर्णता है। विकास की प्रक्रिया में स्थायी निवास स्थलों (घरों) के उद्भव के बाद ही नदी घाटियों में सभ्यताएँ फली-फूलीं। कृषि का तेजी से विकास हुआ। परिवार व्यवस्था सुदृढ़ हुई। पारिवारिक बंधन मजबूत हुए। विवाह व्यवस्था को सामाजिक मान्यता प्राप्त हुई। स्थायी निवास ने मनुष्य को एक विशेष पहचान प्रदान की। विभिन्न क्षेत्रों में स्थायी बस्तियों के माध्यम से भौगोलिक विभाजन हुआ और समाजों का निर्माण हुआ। स्थायी निवास से स्थिर हो चुका मनुष्य अपनी शक्ति को केवल जीविका के संघर्ष तक सीमित नहीं रख सका; बल्कि वह ज्ञान, कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा सामाजिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर सका। इस प्रकार विश्व प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ। घर मानव विकास का केंद्र तथा समाजों की उन्नति का आधार बनता आया है।

कांग्रेस पार्टी ने कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आवास की समस्या को केवल एक कल्याणकारी विषय के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण पैमाना माना है। जनजीवन के स्तर को ऊपर उठाने के लिए एक ओर खाद्य योजनाएँ, न्यूनतम वेतन कानून और समग्र विकास कार्यक्रम लागू किए गए, वहीं दूसरी ओर स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्डों की स्थापना, गरीबों को गृह-ऋण सुविधा, आवास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता, पुनर्वास योजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराना जैसे अनेक कदम उठाए गए। हडको जैसी संस्थाओं के माध्यम से वित्तीय सहयोग, नेशनल बिल्डिंग ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से आवास निर्माण पर शोध तथा ‘साइट्स एंड सर्विसेज स्कीम’ जैसी योजनाओं के जरिए गरीबों को आवास उपलब्ध कराने का कार्य किया गया। इसके अतिरिक्त, इंदिरा आवास योजना, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन तथा राजीव आवास योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं को कांग्रेस सरकार ने देशभर में प्रभावी ढंग से लागू किया। इन योजनाओं के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले करोड़ों लोगों के अपने घर के सपने को साकार कर उन्हें भविष्य के प्रति भरोसा प्रदान किया गया।

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कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई आवास योजनाओं ने देश के करोड़ों परिवारों को आवासीय सुरक्षा प्रदान की। इसका प्रभाव केवल घर निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार वृद्धि, स्थानीय निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन, बच्चों को स्थायी शिक्षा के अवसर तथा महिलाओं की सुरक्षा जैसे अनेक सकारात्मक परिणाम सामने आए।इसी दृष्टिकोण के तहत कांग्रेस पार्टी ने सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में तथा समाज निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में कमजोर और वंचित वर्गों के लिए ‘अपना घर’ योजना को प्राथमिकता दी है। गरीबी उन्मूलन, सामाजिक असमानता में कमी और मानवीय गरिमा की रक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे एक नीतिगत निर्णय के रूप में लागू किया गया।

पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में इन योजनाओं के माध्यम से लाखों गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की प्रेरणा से, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी ने अपने घोषणापत्र में शामिल छह गारंटियों में ‘इंदिरम्मा आवास योजना’ को प्रमुख स्थान दिया और लोगों के घर के सपने को पूरा करने का वादा किया। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस जनसरकार ने अपने वादे को निभाते हुए इस योजना को सुदृढ़ कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ाया और इसे एक जन-आंदोलन की तरह लागू किया। इंदिरम्मा आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2028 तक 20 लाख घरों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे चार चरणों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण में 4.50 लाख घरों के निर्माण का निर्णय लिया गया, जिनमें से अब तक तीन लाख से अधिक घर पूरे हो चुके हैं और कई स्थानों पर गृहप्रवेश भी संपन्न हो चुके हैं। शेष लगभग डेढ़ लाख घरों में शीघ्र ही गृहप्रवेश होने वाला है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रति घर 5 लाख रुपये की शत-प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को अतिरिक्त एक लाख रुपये प्रदान कर कुल 6 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। वहीं जिन गरीबों के पास स्वयं की भूमि नहीं है, उनके लिए सरकार निःशुल्क घर बनाकर प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी के निर्देशानुसार, इन घरों का पंजीकरण गृहिणी के नाम पर कर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कांग्रेस जनसरकार ठोस कदम उठा रही है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ इस योजना को एक सतत प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इंदिरम्मा आवास योजना ने आम नागरिक के सम्मानजनक जीवन के अधिकार को सार्थकता प्रदान की है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के जनकल्याणकारी शासन में राज्य में सामाजिक कल्याण का स्वर्णिम युग स्थापित होने की पूरी संभावना है।

बिल्ला अजय कुमार,

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