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Poetry: मैं सेवानिवृत्त ही कहाँ हो पाऊँगा.....?

नया सवेरा नेटवर्क

मैं सेवानिवृत्त ही कहाँ हो पाऊँगा.....?

सोचता हूँ......

सेवानिवृत्ति के बाद....

गाँव वाले मकान के एक कोने में....

सरपत-मूँज और बाँस वाली,

एक मँड़ई-छप्पर डलवाऊँगा.....

इसके किनारो की थून्ही के सहारे, लौकी-कद्दू ,तोरई-सेम जैसे...!.

कई-कई....बिरवा लगाऊँगा.....

मँड़ई में रखूँगा एक तखत...

आम के....चार पल्लों वाला...

जिसके आसपास मँडराते मिलेंगे...

कुछ देशी कुत्ते और चार-पाँच पिल्ले

इस तखत के  किनारे रखूँगा....

दर्शन काका वाला माटी का घड़ा...

ताकि गर्मी में मिल जाए....

गले को पानी हलका ठंडा थोड़ा..

जाड़ों में तखत पर...पुआल के ऊपर

रख लूँगा भेड़ के बालों वाला कम्बल

पास में होगा जलता हुआ अलाव...

मतलब ठंडक से पूरा का पूरा बचाव

और....बारिशों का क्या.....

चाहे हर ओर से ही....!

टपकती रहे मेरी मँड़ई.....

कोई परवाह नहीं इसकी....

बस दुआ करुँगा ईश्वर से....!

कि मौसम की आँधियों में...कभी भी

उड़ने ना पाए मेरी मनमोहक मँड़ई...

एक चाहत और रहेगी भारी....!

कि इस मँड़ई में चलती रहे....

यारों संग....बावन पत्तों वाली...

राजा-रानी,गुलाम-इक्का की....

दहला-पकड़ वाली दुनियादारी....

संग में बनी रहे सदा ही इसमें....

हा-हा,ही-ही और हुक्के की गुड़-गुड़

देखते रहें आते-जाते लोग....!

मँड़ई मेरी....मज़बूर होकर मुड़-मुड़..

आते रहें वहाँ दस-बीस बच्चे...!

जो दिल-दिमाग से हों सच्चे....

और जीवन के इस दौर के...

घड़े हों....एकदम से कच्चे....

जिनके संग पढ़ सकूँ मैं...आसानी से

ककहरा-गिनती और पहाड़ा....

खेल सकूँ अन्त्याक्षरी...और....

सुन सकूँ उनकी तोतली भाषा की..

हर एक बात...सपाट और खरी-खरी

सुना सकूँ जिसको...प्रेम से दुलारकर

राजा-रानी और परियों वाली कहानी

पास बिठाकर अपने,खुद की जुबानी

इस सुन्दर-सुहानी सोच में....!

मैं मगन होकर मशगूल था....पर...

नींद एकाएक जो टूट गई.....

अब.....सपना मेरा भंग था....

सामने दुनिया भर की माया खड़ी थी

उतर गया...आनन्द का सब रंग था..

अब यह सोच रहा था कि....

जीवन की इस आपा-धापी में....

मैं सेवानिवृत्त ही कहाँ हो पाऊँगा.....?

मैं सेवानिवृत्त ही कहाँ हो पाऊँगा.....?


रचनाकार.....

जितेन्द्र कुमार दुबे

अपर पुलिस उपायुक्त, लखनऊ


पब्लिक इंटर कालेज केराकत प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार सिंह की तरफ से नव वर्ष 2026 एवं मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं



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